श्री अय्यप्पा पब्लिक स्कूल बोकारो का 37वां स्थापना दिवस भव्य समारोह के साथ सम्पन्न, शिक्षा और संस्कृति का उत्कृष्ट संगम

ayyapa school bokaro ayyapa school bokaro

बोकारो, 27 जून 2025: बोकारो स्थित श्री अय्यप्पा पब्लिक स्कूल ने अपने 37वें स्थापना दिवस को शिक्षण परंपरा, सांस्कृतिक धरोहर और विद्यार्थियों की उपलब्धियों के सम्मान के साथ भव्य रूप से मनाया। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय परिसर में किया गया, जिसमें बोकारो स्टील प्लांट के प्रभारी निदेशक बीरेंद्र कुमार तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।

समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन और वैदिक श्लोकों के मंत्रोच्चारण से हुई, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया। स्कूल की प्राचार्या श्रीमती पी. शैलजा जयकुमार ने स्वागत भाषण में 37 वर्षों की शिक्षण यात्रा को रेखांकित करते हुए छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के योगदान को सराहा।

image 57

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में गणेश वंदना, पारंपरिक नृत्य, शास्त्रीय गान और पंचतत्व पर आधारित एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति शामिल रही, जिसने पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया।

विशेष उपलब्धि के रूप में छात्र अक्षय शर्मा को ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ से सम्मानित किया गया, जिन्होंने 195 संयुक्त राष्ट्र देशों के नाम 1 मिनट 13 सेकंड में क्रमवार बोलकर रिकॉर्ड बनाया।

image 58
munadi live whattsapp banne.jpg

शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए छात्रों को स्कॉलर बैज और अचीवर्स बैज से सम्मानित किया गया। साथ ही, 25 वर्षों की सेवा देने वाले शिक्षकों जया कृष्णमूर्ति और प्रदीप महतो को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

image 59
resizone elanza

Telegram channel

मुख्य अतिथि बीरेंद्र कुमार तिवारी ने अपने भाषण में स्कूल की अनुशासित शिक्षण पद्धति, संरचनात्मक विकास और विद्यार्थियों की बहुआयामी सफलता की सराहना करते हुए कहा, “श्री अय्यप्पा पब्लिक स्कूल चरित्र निर्माण, नवाचार और भारत के भविष्य को संवारने की अद्भुत प्रयोगशाला बन चुका है।”

image 60

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ, जिसमें उपस्थित सभी जन एकजुट होकर राष्ट्रप्रेम की भावना से सराबोर हो गए।

श्री अय्यप्पा पब्लिक स्कूल, बोकारो का 37वां स्थापना दिवस न केवल शिक्षा और संस्कृति का उत्सव था, बल्कि यह विद्यार्थियों को जीवन में उत्कृष्टता, कर्तव्यबोध और नैतिक मूल्यों की दिशा में प्रेरित करने वाली ऐतिहासिक घड़ी भी बन गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *