पाकुड़ में कैटिगरी-2 बालू घाटों की ई-नीलामी की तैयारी

Pakur Sand Ghat E-Auction 2025 Pakur Sand Ghat E-Auction 2025

पाकुड़: जिले में कैटिगरी-2 बालू घाटों की ई-नीलामी की प्रक्रिया को लेकर शुक्रवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला खनन पदाधिकारी ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि झारखंड बालू खनन नियमावली, 2025 अब राज्य के सभी जिलों में लागू है और इसके तहत बालू उत्खनन से जुड़ी हर गतिविधि को नियंत्रित किया जाएगा।

Maa RamPyari Hospital

झारखंड बालू खनन नियमावली 2025 के मुख्य बिंदु
जिला खनन पदाधिकारी ने कहा कि नियमावली के अनुसार बिना वैध खनन पट्टा लिए बालू उत्खनन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके साथ ही किसी भी व्यक्ति या संस्था को 1000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र पर बालू खनन पट्टा नहीं दिया जा सकेगा। इसका उद्देश्य अवैध खनन पर रोक लगाना और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है।

पाकुड़ जिले के 7 कैटिगरी-2 घाटों की होगी नीलामी
बैठक में बताया गया कि पाकुड़ जिले के जिला सर्वे रिपोर्ट (Sand) में 07 कैटिगरी-2 बालू घाटों की पहचान की गई है। खान एवं भूतत्व विभाग से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार इन घाटों को एक इकाई के रूप में लेते हुए ई-नीलामी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

whatsapp channel

Maa RamPyari Hospital

नीलामी से जुड़ी मुख्य प्रक्रियाएं
बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने कई बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की, जिनमें शामिल हैं –

  • रिजर्व प्राइस की गणना
  • वार्षिक खनिज रियायती मूल्य निर्धारण
  • बोली राशि तय करना
  • बयाना राशि (EMD) की जमा प्रक्रिया
  • प्रदर्शन सुरक्षा (Performance Security)
  • वार्षिक खनन योग्य रेत की मात्रा
paras-trauma
ccl

इन सभी विषयों पर सहमति बनने के बाद नीलामी की अंतिम प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

the-habitat-ad

अवैध खनन पर सख्ती
उपायुक्त मनीष कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। बिना पट्टा के बालू उत्खनन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि बालू खनन की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी हो।

adani
15 aug 10

पारदर्शिता और राजस्व वृद्धि पर जोर
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि ई-नीलामी की प्रक्रिया से न केवल राजस्व में वृद्धि होगी बल्कि बालू खनन कार्य भी पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से संचालित किया जा सकेगा। ई-नीलामी से स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे और अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी।

पाकुड़ जिले में कैटिगरी-2 बालू घाटों की ई-नीलामी की यह पहल राज्य सरकार के खनन क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और अवैध खनन रोकने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई इस बैठक से साफ संकेत मिलता है कि जिला प्रशासन खनन नीति को सख्ती से लागू करने और ई-नीलामी की प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *