सदन के बाहर भाजपा विधायक

भारतीय जनता पार्टी के विधायक सदन स्थगित होने के बाद भी सदन के अंदर बेल में नीचे बैठे हैं कि जब तक मुख्यमंत्री युवाओं व अनुबंध कर्मियों के मुद्दों एवं अपने घोषणा पत्र के सारे वादे पर सदन में एक स्पष्ट जवाब नहीं देंगे तब तक भारतीय जनता पार्टी के विधायक सदन नहीं छोड़ेंगे।

वहीं भाजपा विपक्षी भाजपा के इस रवैया पर झामुमो के विधायक सुदीपयु सोनू ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दो पहिया है और इसमें से एक पहिया बेमेल हो जाए तो गाड़ी चल नहीं सकती… उन्होंने कहा कि जनता की गाड़ी कमाई से चल रहे सदन का दुरुपयोग करने के प्रयास भारतीय जनता पार्टी के लोग कर रहे हैं और निश्चित रूप से जनता इसे देख रही है।

वही मंत्री वैद्यनाथ राम ने कहा की सरकार जब सदन ऑर्डर में आएगा तो जवाब देगी। और जब सदन एडजेसेंट हो गया तो फिर सदन में बैठने का क्या मतलब है। वहीं विपक्ष के इस रवैया पर पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि अभी 2 महीना समय है जो हम लोगों ने घोषणा किया है उसके लिए अभी टाइम है दो महीना हम लोग उसको पूरा करेंगे और जहां तक विपक्ष की बात है तो विपक्ष कहीं भी बैठ सकता है उन्होंने कहा कि सरकार ने घोषणा पत्र में जो भी वायदे किए हैं उसे वह निभाएंगे।