रांची: सोशल मीडिया दोस्ती बनी 1.45 करोड़ की ठगी, जमशेदपुर की महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

Ranchi: अरगोड़ा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती ने एक युवक को करोड़ों रुपये के नुकसान में धकेल दिया। पुंदाग रोड निवासी संदीप पाटिल ने जमशेदपुर की रहने वाली सपना सोना नामक महिला पर करीब 1.45 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने सपना सोना के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया से रिश्तों का जाल
संदीप ने अपनी शिकायत में कहा कि वर्ष 2022 में फेसबुक के जरिए उसकी पहचान सपना से हुई थी। पहले बातचीत का सिलसिला चला, फिर धीरे-धीरे सपना ने उसके परिवार से भी संपर्क बढ़ा लिया। आरोप है कि इस दौरान महिला ने भावनात्मक संबंधों का सहारा लेकर संदीप को पूरी तरह अपने जाल में फंसा लिया।
इलाज और पढ़ाई के नाम पर रकम
पीड़ित ने बताया कि सपना ने शुरुआत में अपनी बीमार मां के इलाज और भाई की पढ़ाई का हवाला देकर उससे पैसे लिए। धीरे-धीरे उसने बार-बार आर्थिक मदद लेनी शुरू कर दी। जब संदीप ने आपत्ति जताई, तो महिला ने निजी रिश्तों को सार्वजनिक करने और बदनाम करने की धमकी दी। इसी दबाव में संदीप ने कई बार लाखों रुपये उसके खाते में ट्रांसफर किए।
लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए खर्च करवाए लाखों
शिकायत पत्र के अनुसार, सपना ने संदीप के पैसों से लग्जरी घड़ियों, महंगे जेवरात, पर्यटन और शॉपिंग पर जमकर खर्च किया। इस दौरान लगभग 75 लाख रुपये संदीप के खाते से उसकी लाइफस्टाइल पर खर्च करवा दिए गए। इतना ही नहीं, महिला ने संदीप की दो एसयूवी गाड़ियां भी अपने कब्जे में ले लीं।


प्रेमजाल का दूसरा चेहरा
पीड़ित को जब सपना की गतिविधियों पर शक हुआ और उसने पड़ताल शुरू की, तो उसे पता चला कि महिला पहले से ही जगजीत सिंह नामक व्यक्ति के साथ संबंध में है। आरोप है कि उसने उसे भी शादी का झांसा दिया था और उससे भी लाखों रुपये ऐंठे।

तीन साल की मानसिक प्रताड़ना
संदीप ने बताया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान महिला ने न केवल उसे आर्थिक नुकसान पहुंचाया बल्कि मानसिक रूप से भी तोड़ा। उसने कहा –
“मैंने सपना पर भरोसा किया, लेकिन उसने मेरे परिवार और समाज में मेरी छवि खराब करने की धमकी देकर मुझसे करोड़ों रुपये ऐंठ लिए। यह केवल पैसों की ठगी नहीं, बल्कि भावनात्मक शोषण भी है।”


पुलिस जांच में जुटी
अरगोड़ा थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस डिजिटल साक्ष्य, बैंक ट्रांजेक्शन और जब्त गाड़ियों की जानकारी खंगाल रही है। फिलहाल आरोपी महिला की तलाश जारी है।
सोशल मीडिया फ्रॉड के बढ़ते मामले
पुलिस सूत्रों का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। झारखंड में पिछले दो वर्षों में 50 से अधिक केस सामने आ चुके हैं, जिनमें महिला मित्रता, फर्जी प्रोफाइल और ब्लैकमेलिंग का तरीका अपनाया गया। साइबर सेल के अधिकारी मानते हैं कि लोग भावनाओं में आकर निजी जानकारी और आर्थिक लेन-देन कर बैठते हैं, जिसका अपराधी फायदा उठाते हैं।
विशेषज्ञों की सलाह
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति से नजदीकी बढ़ाते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। कभी भी व्यक्तिगत फोटो, वीडियो या बैंक डिटेल साझा न करें। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें।
ठगी से बचाव के उपाय
- सोशल मीडिया पर अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें।
- किसी भी बहाने से मांगी गई आर्थिक मदद पर भरोसा न करें।
- बैंक ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
- परिवार को जानकारी छुपाने के बजाय खुलकर बताएं।
- धोखाधड़ी की आशंका पर तुरंत FIR दर्ज कराएं।
रांची का यह मामला बताता है कि सोशल मीडिया पर हुई एक दोस्ती जीवनभर की कमाई पर भारी पड़ सकती है। अरगोड़ा थाना पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और पीड़ित को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।