बालू के अवैध कारोबार से कमाई, इडी ने अंबा प्रसाद के भाई अंकित राज की 3.02 करोड़ की संपत्ति जब्त की


रांची से अमित : झारखंड में अवैध खनन के कारोबार पर प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। बड़कागांव के कुख्यात खनन कारोबार से जुड़े अंकित राज की 3.02 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त कर लिया गया है। अंकित राज झारखंड की राजनीति में चर्चित परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वह बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद का भाई और राज्य के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव व पूर्व विधायक निर्मला देवी का बेटा है।
इडी की जांच में साफ हुआ है कि अंकित राज ने अवैध बालू खनन से भारी भरकम रकम कमाई और उस काली कमाई को वैध साबित करने के लिए कई तरीके अपनाए। रिपोर्ट के मुताबिक, अंकित राज ने प्लांडू और दामोदर नदी से लंबे समय तक बालू की अवैध निकासी की। यह कारोबार इतना संगठित था कि बालू की बिक्री में भी ऐसे रास्ते चुने गए, जिनसे अधिकतम मुनाफा कमाया जा सके। इसी अवैध कारोबार से उसने करीब 3.12 करोड़ रुपये की अवैध आय अर्जित की। इडी ने इस अवैध कमाई का पता लगाने के बाद कार्रवाई करते हुए उसकी 3.02 करोड़ की संपत्ति को जब्त कर लिया।
परिवार पर पहले से हैं गंभीर आरोप
बड़कागांव इलाके में योगेंद्र साव और उनके परिवार का लंबे समय से दबदबा रहा है। कोयला और बालू के कारोबार पर इस परिवार का प्रभाव व्यापक रूप से फैला रहा है। यही कारण है कि इन पर समय-समय पर कई आरोप लगते रहे हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के परिवार के खिलाफ 16 प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इन्हीं एफआईआर को आधार बनाकर इडी ने ईसीआईआर दर्ज किया और जांच शुरू की।


इन मामलों में परिवार पर रंगदारी वसूली, जमीन कब्जा करने, प्रतिबंधित संगठन चलाने और खनिजों के अवैध व्यापार जैसे गंभीर आरोप लगे थे। इडी ने मार्च 2024 और जुलाई 2025 में अंबा प्रसाद और उनके करीबी लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। वहीं जुलाई 2025 में हुई कार्रवाई के बाद खनन विभाग के कई दस्तावेजों की भी जांच की गई।


खत्म हुए लाइसेंस के बाद भी चलता रहा कारोबार
जांच के दौरान इडी को एक बड़ा खुलासा हाथ लगा। सोनपुर घाट का माइनिंग लाइसेंस 2019 में ही समाप्त हो गया था। इसके बावजूद अंकित राज ने अवैध रूप से दामोदर नदी से बालू निकालना जारी रखा। न केवल निकासी की गई, बल्कि उसे व्यवस्थित तरीके से बेचकर करोड़ों रुपये का मुनाफा भी कमाया गया। इस पूरे अवैध कारोबार का कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं था।


इडी ने कसा शिकंजा
इडी ने इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की और पाया कि बालू के अवैध कारोबार से सीधे तौर पर अंकित राज को फायदा पहुंचा है। उसने इस कमाई से अचल संपत्ति खरीदी थी। इडी ने इन संपत्तियों की पहचान की और 3.02 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली। प्रवर्तन निदेशालय का मानना है कि अवैध खनन के जरिये अर्जित संपत्ति पर कानूनी कार्रवाई कर ही इस तरह के अपराधों पर लगाम लगाई जा सकती है।
सियासी हलकों में चर्चा
इस कार्रवाई ने झारखंड के राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। अंबा प्रसाद और उनके परिवार पर पहले से ही कई गंभीर आरोप लगे हैं। अब उनके भाई अंकित राज की संपत्ति जब्ती ने विपक्षी दलों को भी सरकार और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने का मौका दिया है। यह मामला झारखंड में राजनीति और खनन माफियाओं की गहरी जड़ों को एक बार फिर उजागर करता है।
आगे की कार्रवाई
इडी अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अवैध खनन से अर्जित रकम कहां-कहां निवेश की गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं और परिवार से जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कस सकता है।