हाईकोर्ट से झटका: मधु कोड़ा मनी लॉन्ड्रिंग केस में मनोज पुनमिया की याचिका खारिज

विशेष PMLA कोर्ट के आदेश को चुनौती देने पर भी नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट ने क्रिमिनल रिवीजन खारिज की
रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा से जुड़े बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक अहम मोड़ आया है। इस केस के आरोपी और कारोबारी मनोज पुनमिया को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी ओर से दायर क्रिमिनल रिवीजन याचिका को खारिज कर दिया।

इससे पहले रांची स्थित PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष कोर्ट ने मनोज पुनमिया के खिलाफ आरोप तय किए थे और उनकी डिस्चार्ज याचिका को भी खारिज कर दिया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए उन्होंने वर्ष 2012 में झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन दाखिल किया था।
हाईकोर्ट में सुनवाई
मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में हुई। मनोज पुनमिया की ओर से अधिवक्ता कृष्ण कुमार ने बहस की, लेकिन अदालत ने दलीलों को स्वीकार नहीं किया और रिवीजन खारिज कर दिया।
अब ट्रायल होगा जारी
क्रिमिनल रिवीजन खारिज होने के बाद अब मनोज पुनमिया के विरुद्ध ट्रायल विशेष PMLA कोर्ट में जारी रहेगा। इसका मतलब है कि अब उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस का सामना करना पड़ेगा और आगे की सुनवाई उसी अदालत में होगी।


मधु कोड़ा मामले की पृष्ठभूमि
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा पर मुख्यमंत्री रहते हुए खनन पट्टों की अवैध आवंटन और भ्रष्टाचार से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगा था। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कई लोगों को आरोपी बनाया था, जिसमें कारोबारी मनोज पुनमिया का नाम भी शामिल है।

कानूनी पेचीदगी और अगला कदम
कानूनी जानकारों का कहना है कि हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद मनोज पुनमिया के पास अब सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प बचा है, लेकिन फिलहाल उन्हें ट्रायल फेस करना पड़ेगा।