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घोड़थंबा हिंसा पर गरमाई सियासत, बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार को बताया हिंदू विरोधी

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गिरिडीह: होली के दिन गिरिडीह के घोड़थंबा में हुई हिंसा को लेकर झारखंड की राजनीति गर्मा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस मामले में हेमंत सरकार पर बड़ा हमला बोला है और राज्य सरकार को हिंदू विरोधी करार दिया है।

मरांडी का हेमंत सरकार पर बड़ा आरोप : बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि मैंने कल आशंका व्यक्त की थी कि होली के दिन गिरिडीह के घोड़थंबा में हुई हिंसा मामले में प्रशासन उपद्रवियों का बचाव करते हुए मामले को संतुलित दिखाने के लिए पीड़ित हिंदू पक्ष पर कारवाई कर सकती है।

अब इस मामले में दर्ज FIR को देखने से ऐसा लगता है जैसे यह कोई शिकायतवाद नहीं, बल्कि हिंदुओं पर हुए हमले का एक पूर्व नियोजित खाका हो। FIR में जिस प्रकार से घटना को वर्णित किया गया है, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस-झामुमो के शासन में हिंदुओं ने होली मनाकर कोई अपराध कर दिया है। यदि हिंदू अपना त्योहार मनायेंगे तो उनपर बोतल बम और पत्थर से हमला होगा, फिर उसके बाद घटना का दोषी बताते हुए उनपर ही मुकदमा भी दर्ज होगा!

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यह FIR पूरी तरह तुष्टिकरण से प्रभावित लगती है, जिसमें हेमंत सरकार की हिंदूविरोधी मानसिकता स्पष्ट नज़र आती है। सिर्फ पीड़ित हिंदू पक्ष को कटघरे में खड़ा कर उन्हें ही दोषी ठहराया जाने की सुनियोजित साजिश रची गई है। घटना के असली गुनहगारों को बचाने की पटकथा (FIR) लिखकर सरकार ने उपद्रवियों का मनोबल बढ़ाने और भविष्य में हिंदुओं के ऊपर ऐसे ही हिंसक हमले करने के लिए प्रेरित किया है।

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मरांडी ने कहा, “एफआईआर में जिस तरह से घटना को लिखा गया है, उससे यह साफ झलकता है कि हेमंत सरकार हिंदू विरोधी मानसिकता से काम कर रही है। ऐसा लगता है मानो हिंदुओं ने होली मनाकर कोई अपराध कर दिया हो।”

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“हमला हिंदुओं पर और मुकदमा भी उन्हीं पर” : उन्होंने आरोप लगाया कि होली के दिन हिंदुओं पर बोतल बम और पत्थर से हमला हुआ, लेकिन एफआईआर ऐसी लिखी गई जैसे हिंदू ही दोषी हों। मरांडी ने कहा कि प्रशासन ने पीड़ित हिंदू पक्ष को ही कटघरे में खड़ा कर उन्हें दोषी ठहराने की सुनियोजित साजिश रची है।

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एफआईआर पर उठाए सवाल : मरांडी ने सवाल किया कि आखिर क्यों FIR में घटना का असली सच नहीं दिखाया गया? उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि एफआईआर लिखकर सरकार ने असली गुनहगारों को बचाने की पटकथा तैयार की है। मरांडी ने कहा कि सरकार की इस कार्रवाई से हिंसक तत्वों का मनोबल बढ़ेगा और भविष्य में हिंदुओं के खिलाफ ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।

भाजपा की मांग : मरांडी ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार तुष्टिकरण की राजनीति से बाहर नहीं आती, तो भाजपा राज्यव्यापी आंदोलन करेगी।

सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार : इस पूरे मामले पर अब तक हेमंत सरकार या प्रशासन की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन यह मामला राजनीतिक रूप से तूल पकड़ चुका है और आने वाले दिनों में सियासी हलचल तेज हो सकती है।

क्या होगा आगे? : भाजपा इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन खड़ा कर सकती है।सरकार की ओर से इस पर जवाब आ सकता है। एफआईआर की समीक्षा और जांच की मांग बढ़ सकती है।

आपकी राय?

क्या आपको लगता है कि घोड़धम्बा हिंसा मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट में बताएं!

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