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हेमंत सोरेन ने कहाः अब बेटियों, महिलाओं और बुजुर्गों को चिंता करने की जरूरत नहीं, सरकार उनके साथ

रांचीः रांची के नामकुम में बुधवार को आयोजिन मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए उन्हें आश्वस्त किया। उन्होंने महिलाओं-युवतियों व युवकों के विकास पर जोर दिया। बुजुर्गों के लिए वृद्धा पेंशन के लाभ पर बात की। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने वृद्धा पेंशन के बारे में कहा कि हम भी विधायक हैं, हमारे विधानसभा में भी वृद्धा पेंशन को लेकर समस्या के बारे में मुझे हमारे कार्यकर्ताओं ने भी बताया। राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से विधायकों और सांसदों ने बताया। बात तो सही है, उस समय सरकार का खजाना बहुत अच्छा नहीं था। फिर भी हमने ईमानदारी से प्रयास किया। मैंने वृद्धा पेंशन के कानून में एक बड़ा बदलवा किया और महिलाओं को पेंशन देने की उम्र 60 साल से घटाकर 50 साल कर दिया।

अब बुजुर्ग अपना दिन गिनते हैं कि कब मैं 50 साल का हो जाऊंः हेमंत सोरेन ने कहा कि आज गांवों में बुजुर्ग लोग अपना दिन गिनते हैं कि कब मैं 50 साल का हो जाऊं ताकि मुझे पेंशन मिलने लगे। उन्होंने लोगों से कह कि अब दलाल का चक्कर नहीं है। सीधा अपना वोटर कार्ड और आधार कार्ड लेकर जाओ। आपके जाने पर बीडीओ और सीओ को अनिवार्ज रूप से आपके वृद्धा पेंशन का कार्ड बनाना अनिवार्य है। जो इसमें कोताही बरतेंगे वो अधिकारी सीधा बर्खास्त कर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इसलिए आज आप गांवों में दीया और टॉर्च लेकर ढूंढेंगे तो भी आपको बिना वृद्धा पेंशन के बूढ़े-बुजुर्ग गावं में नहीं मिलेंगे।
9 लाख से अधिक बच्चियों को सावित्रि बाई फूले योजना में जोड़ाः इसके बाद हमलोगों ने कदम आगे बढ़ाया। हमारी आने वाली को संभालने वाली पीढ़ी, बच्चियों व महिलाओं के बारे में सोचा। गांवों में गरीब-गुरबा परिवार को बेटी को बोझा समझता है। 10वीं-12वीं पास नहीं होती है कि उसके लिए दुल्हा ढूंढने लगता है। जल्दी से शादी-विवाह करके घर से भगा देता है। जाओ ससुराल का बोझा बनो। लेकिन अब आपसब चिंता मत कीजिए। राज्य की बच्चियों को उनके बेहतर भविष्य के लिए सरकार उनके साथ खड़ी होने जा रही है। आज पहले चरण में हमने अपनी बच्चियों को सावित्रि बाई फूले योजना से जोड़ा है। करीब 9 लाख से अधिक बच्चियों को सावित्रि बाई फूले योजना में जोड़ा गया है। मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में इनकी संख्या बढ़कर 15 लाख तक हो जाएगी। आने वाले दिनों में चाहे लड़का हो या लड़की उन्हें पढ़ाने के लिए चिंता नहीं करना है। डाक्टर, इंजीनियर, वकील और पत्रकार वो चाहे बन सकते हैं। इसके लिए भी हमने गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना चला रखा है।