दिल्ली CM रेखा गुप्ता पर हमले की जांच तेज, राजकोट से संदिग्ध हिरासत में; पुलिस 10 और लोगों की तलाश में

investigation of the attack on Delhi CM investigation of the attack on Delhi CM

दिल्ली पुलिस ने आरोपी के एक दोस्त को पकड़ा, पैसे ट्रांसफर का शक; 10 और लोगों से पूछताछ होगी

दिल्ली की राजनीति इन दिनों उस सनसनीखेज घटना से हिल गई है, जिसमें राजधानी की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर उनके ही आधिकारिक आवास पर हमला हुआ था। यह हमला बुधवार को उस समय हुआ, जब वह सिविल लाइंस स्थित आवास पर जनसुनवाई कर रही थीं। अचानक राजकोट (गुजरात) निवासी राजेश खिमजी ने उन पर हमला कर दिया। हालांकि सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया, लेकिन इस घटना ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि संभावित साजिश की ओर भी इशारा कर दिया है।

Maa RamPyari Hospital

राजकोट से एक और संदिग्ध हिरासत में
जांच के सिलसिले में शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए राजकोट से आरोपी राजेश के एक करीबी दोस्त को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि इस दोस्त ने आरोपी को पैसे ट्रांसफर किए थे। पुलिस इस वित्तीय लेन-देन की तहकीकात कर रही है कि यह रकम किस उद्देश्य से दी गई थी और क्या इसका इस्तेमाल हमले की योजना बनाने में किया गया।
दिल्ली पुलिस की टीम ने राजकोट जाकर पांच और लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इन सभी के नंबर आरोपी के मोबाइल डेटा में मिले थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन लोगों में से कुछ के कॉल रिकॉर्ड और चैट मैसेज में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।

10 और संदिग्धों की तलाश
दिल्ली पुलिस फिलहाल उन 10 लोगों की तलाश कर रही है, जो फोन कॉल और मैसेज के जरिए आरोपी के संपर्क में थे। माना जा रहा है कि इनमें से कुछ लोग हमले की योजना से वाकिफ थे। इनमें से एक संदिग्ध को शुक्रवार शाम तक दिल्ली लाया जाएगा, जिससे पूछताछ के बाद और कई राज़ सामने आने की संभावना है।

whatsapp channel

Maa RamPyari Hospital

हमले की साजिश पर उठ रहे सवाल
इस हमले के बाद कई राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है कि क्या यह केवल एक व्यक्ति की निजी नाराजगी थी, या इसके पीछे कोई संगठित साजिश रची गई थी। आरोपी राजेश खिमजी की पृष्ठभूमि को खंगालते हुए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उसका किसी राजनीतिक संगठन, आपराधिक गिरोह या बाहरी फंडिंग से संबंध था।
कई विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरीके से आरोपी ने मुख्यमंत्री पर हमला किया, वह केवल व्यक्तिगत स्तर का गुस्सा नहीं हो सकता। पैसे का ट्रांसफर और 10 से अधिक संदिग्धों से संपर्क होना एक बड़ी साजिश की ओर इशारा कर सकता है।

paras-trauma
ccl

सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती
मुख्यमंत्री के आवास जैसी हाई-प्रोफाइल जगह पर हमला होना दिल्ली की सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। राजधानी में पहले भी कई नेताओं को सुरक्षा खतरों का सामना करना पड़ा है, लेकिन मुख्यमंत्री स्तर की शख्सियत पर इस तरह का हमला एक बड़ी चूक मानी जा रही है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। अगर मुख्यमंत्री ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?

the-habitat-ad

राजनीतिक हलचल और विपक्ष का रुख
इस घटना के बाद दिल्ली की राजनीति में भी उथल-पुथल मच गई है। विपक्षी दलों ने इसे सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी बताया है और सरकार से जवाब मांगा है। वहीं सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं का कहना है कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी गंभीरता से जांच कर रही हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस हमले के बाद एक बयान जारी करते हुए कहा कि वह डरने वाली नहीं हैं और जनता की सेवा जारी रखेंगी। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष और तेज जांच की अपील की है।

adani
15 aug 10

आगे की जांच और संभावित खुलासे
फिलहाल आरोपी राजेश खिमजी पांच दिन की पुलिस हिरासत में है। दिल्ली पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है। राजकोट से हिरासत में लिया गया उसका दोस्त भी जांच एजेंसियों के रडार पर है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पुलिस और बड़े खुलासे कर सकती है, जिससे इस हमले की असली साजिश बेनकाब हो सकेगी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री पर हमला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि एक गंभीर सुरक्षा चुनौती है। इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि वीआईपी सुरक्षा को लेकर अभी भी कई खामियां हैं। पुलिस की तेजी से चल रही जांच से उम्मीद है कि जल्द ही यह साफ होगा कि हमलावर के पीछे कौन था और उसकी असली मंशा क्या थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *