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झारखंड कैबिनेट बैठक 2 सितंबर को, कई अहम प्रस्तावों पर लगेगी मुहर मानसून सत्र के बाद पहली बैठक, शिक्षा-स्वास्थ्य और विकास योजनाओं पर हो सकते हैं बड़े फैसले

रांचीः झारखंड सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक 2 सितंबर 2025 (मंगलवार) को आयोजित होगी। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) ने इसकी आधिकारिक सूचना जारी करते हुए बताया कि बैठक राजधानी रांची के प्रोजेक्ट भवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में अपराह्न 2:30 बजे से होगी। यह बैठक खास महत्व रखती है क्योंकि यह झारखंड विधानसभा के हालिया मानसून सत्र के बाद होने वाली पहली कैबिनेट बैठक है।

क्यों है यह बैठक अहम?
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। दरअसल, मानसून सत्र में कई विधेयक पारित किए गए थे, जिनके क्रियान्वयन को लेकर अब कैबिनेट से अंतिम मंजूरी दी जा सकती है। साथ ही, विभिन्न मंत्रालयों द्वारा रखे गए नए प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, सामाजिक कल्याण और ऊर्जा से जुड़े एजेंडे प्रमुख रहने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस बैठक में राज्य की जनता को सीधे प्रभावित करने वाले कई फैसलों पर मुहर लगा सकती है। विशेषकर गरीब और मध्यमवर्गीय तबके से जुड़े कल्याणकारी योजनाओं को लेकर कैबिनेट में चर्चा होने की उम्मीद है।
विधानसभा में पास हुए बिलों पर आगे की कार्रवाई
हाल ही में संपन्न मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में कई महत्वपूर्ण बिल पास हुए थे। इनमें शिक्षा से जुड़े सुधार, रोजगार गारंटी से संबंधित संशोधन और अनुसूचित जनजाति समुदायों के लिए कल्याणकारी कदम शामिल रहे। संभावना जताई जा रही है कि कैबिनेट इन बिलों को लागू करने की प्रक्रिया पर चर्चा करेगी और आवश्यक अधिसूचनाएं जारी करने का निर्णय ले सकती है।


इसके अलावा, वित्तीय प्रावधानों और बजटीय मदों से जुड़े मामलों पर भी कैबिनेट में विचार होने की संभावना है।

किन प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर?
- शिक्षा क्षेत्र: स्कूलों में आधारभूत संरचना को बेहतर बनाने, शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने और डिजिटल शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को मंजूरी दी जा सकती है।
- स्वास्थ्य: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की सुदृढ़ता, नई चिकित्सक नियुक्तियों और दवाओं की आपूर्ति से संबंधित योजनाओं पर फैसला संभव है।
- ग्रामीण विकास: ग्रामीण सड़क योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना और सिंचाई परियोजनाओं पर कैबिनेट चर्चा कर सकती है।
- सामाजिक सुरक्षा: वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांगजन पेंशन योजनाओं के दायरे को बढ़ाने से जुड़े प्रस्ताव पर भी विचार किया जा सकता है।
- ऊर्जा: बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने, सौर ऊर्जा परियोजनाओं और ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं को लेकर निर्णय हो सकता है।


राजनीतिक संदर्भ भी महत्वपूर्ण
कैबिनेट बैठक को राजनीतिक दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है। विधानसभा में विपक्ष द्वारा सरकार को लगातार घेरा जा रहा है, खासकर बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर। ऐसे में सरकार इस बैठक के जरिए जनता के बीच यह संदेश देना चाहती है कि वह विकास और जनकल्याण के एजेंडे पर गंभीर है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी महीनों में राज्य की राजनीति और भी गरमाने वाली है। ऐसे में सरकार कैबिनेट बैठक से कुछ ऐसे फैसले लेना चाह सकती है, जिनसे जनता को राहत मिले और विपक्ष के आरोपों को जवाब दिया जा सके।
जनता को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद
इस बैठक से राज्यवासियों को बड़ी घोषणाओं और राहत की उम्मीद है। किसानों से लेकर छात्रों और आम नागरिकों तक, सभी को इस कैबिनेट बैठक के फैसलों से कुछ न कुछ लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
सरकार का प्रयास होगा कि वह अपने कार्यकाल के शेष समय में अधिक से अधिक योजनाओं को धरातल पर उतार सके। यही वजह है कि आने वाली कैबिनेट बैठकों को लेकर भी जनता की निगाहें टिकी रहेंगी।
2 सितंबर को होने वाली झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक कई मायनों में अहम होगी। यह सिर्फ विधानसभा के मानसून सत्र के बाद का पहला बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक कदम ही नहीं है, बल्कि राज्य की विकास योजनाओं और जनता को मिलने वाले लाभों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार किन-किन प्रस्तावों को मंजूरी देती है और कौन-से फैसले जनता के लिए नए अवसर और राहत लेकर आते हैं।