हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल का प्रयास: रामनवमी महापर्व को राजकीय महोत्सव का दर्जा

हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल का प्रयास लाया रंग, अब राजकीय महोत्सव के रूप में मान्यता दिलाने हेतु प्रस्ताव हुआ पारित29 जुलाई को हुई महत्त्वपूर्ण पर्यटन संवर्धन की सम्पन्न बैठक में प्रस्ताव सूचीबद्ध

29 जुलाई को हजारीबाग समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त नैंसी सहाय की अध्यक्षता में सम्पन्न पर्यटन संवर्धन समिति की बैठक में हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल के सार्थक पहल पर सुप्रसिद्ध हजारीबाग के रामनवमी महापर्व को अब राजकीय महोत्सव के रूप में मान्यता दिलाने हेतु प्रस्ताव पारित करते हुए सूचीबद्ध किया गया। कहा गया कि हजारीबाग का महारामनवमी पर्व झारखंड ही नहीं बल्कि देश- विदेशों में भी काफी ख्याति प्राप्त है।

बाहर रहनेवाले रामभक्तों को यह महापर्व आकर्षित करता है। रामनवमी के दशमी के दिन शहर तथा कई प्रखंडों में सैकड़ों झाकियां निकाली जाती है। अतः लाखों रामभक्तों के आस्था व खुशी के लिए रामनवमी महापर्व को राजकीय महोत्सव के रूप में मनाने के लिए सूचीबद्ध किया गया जो सुखद परिणाम देनेवाला साबित होगा।
इसके बाद सांसद मनीष जायसवाल के माध्यम से छड़वा डैम स्थित काली मंदिर क्षेत्र, नरसिंह स्थान मंदिर परिसर, बड़कागाँव स्थित बुढ़वा महादेव स्थल, केरेडारी स्थित कंडाबेर माता स्थान परिसर , विष्णुगढ़ के बनासो मंदिर परिसर, हजारीबाग नेशनल पार्क, बड़कागाँव के इसको गुफा, शहर के प्रसिद्ध कंनहरी हिल , पदमा किला, शहर के बुढ़वा महादेव मंदिर परिसर , बड़कागाँव पकरी बरवाडीह स्थित मेगालीथ साईट, सदर प्रखंड के बिरबीर अवस्थित मेगालिथ स्थल,



टाटीझरिया स्थित झाझरिया वाटर फाल, चुरचू प्रखंड स्थित इंद्रा तथा जरवा मंदिर प्रक्षेत्र , बरही स्थित सूर्य मंदिर परिसर, चौपारण प्रखण्ड अंतर्गत पांड़ेबारा के बाबा विश्वकर्मा मंदिर परिसर, चंदवारा के पोचो गांव स्थित महादेव मंदिर परिसर, बड़कागाँव स्थित मुड़ली पहाड़ क्षेत्र, केरेडारी के छतीसो माता स्थान, बड़कागाँव के बरसो पानी, हजारीबाग झील परिसर, केरेडारी प्रखंड के घाघरा जलप्रपात , दूमारो जलप्रपात, विष्णुगढ़ के कोनार डैम , बिष्णुग़ढ़ के जमुनिया डैम,

सदर प्रखंड स्थित सिलवार जग्गनाथ धाम मंदिर परिसर, बिष्णुग़ढ़ के बनासो मंदिर परिसर, चौपारण स्थित ताजपुर के शिव मंदिर परिसर, चौपारण स्थित देहर गांव के कमला मंदिर परिसर, बरही प्रखंड स्थित खैरोन मंदिर परिसर के अलावे रामगढ जिले के रजरप्पा स्थित छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर,पतरातू डैम तथा कैथा महादेव मंदिर कैथा को पर्यटक स्थल के रूप में शामिल किया गया है।