शिबू सोरेन के श्राद्धकर्म भोज में जुटेंगे बड़े नेता, नेमरा में विशेष ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था

200 जनरेटर, 5 बड़े पंडाल और हजारों श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारी, राजनाथ सिंह और बाबा रामदेव भी रहेंगे मौजूद
रांची/रामगढ़ : झारखंड की राजनीति और समाज में एक महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद उनके पैतृक गांव नेमरा (रामगढ़) में 16 अगस्त को होने वाला श्राद्धकर्म और संस्कार भोज एक ऐतिहासिक आयोजन बनने जा रहा है। इस कार्यक्रम में देशभर से हजारों लोग शामिल होंगे। श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए न केवल आमजन बल्कि कई बड़े राजनीतिक और सामाजिक नेता भी यहां पहुंचने वाले हैं।

विशेष पंडाल और बिजली की व्यवस्था
श्राद्धकर्म भोज को देखते हुए प्रशासन और आयोजकों ने भव्य तैयारियां की हैं। बिजली की समस्या न हो, इसके लिए 200 से अधिक जनरेटर लगाए गए हैं। 5 बड़े पंडाल बनाए गए हैं, जहां भोजन पकाने और श्रद्धालुओं को परोसने की व्यवस्था होगी। इन पंडालों में एसी और कूलर भी लगाए गए हैं ताकि श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोग आराम से बैठ सकें। हर पंडाल में गुरुजी शिबू सोरेन की तस्वीर लगाई गई है, जहां लोग उन्हें नमन करेंगे।
भोज में विशेष व्यंजन
संस्कार भोज के लिए 300 से अधिक चूल्हों पर 12 से ज्यादा व्यंजन तैयार किए जाएंगे। भोजन का समय सुबह 11 बजे से शुरू होगा और देर रात तक श्रद्धालुओं को परोसा जाएगा। इस आयोजन में स्थानीय व्यंजनों से लेकर पारंपरिक पकवान तक सब शामिल होंगे, ताकि हर कोई गुरुजी की याद में सम्मिलित हो सके।

कौन-कौन होंगे शामिल?
इस संस्कार भोज में कई बड़े नेताओं और हस्तियों के शामिल होने की पुष्टि हो चुकी है।
- केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
- योगगुरु बाबा रामदेव
- तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी
- आरके आनंद
- रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ
- उत्तर प्रदेश के मंत्री संजीव कुमार गोंड


इसके अलावा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पंजाब और बंगाल के मुख्यमंत्री या उनके प्रतिनिधियों समेत कई अन्य राज्यों के दिग्गज नेताओं के भी आने की संभावना जताई गई है। यह आयोजन न केवल एक श्रद्धांजलि सभा होगा, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है।

ट्रैफिक और पार्किंग की खास व्यवस्था
श्रद्धांजलि देने आने वालों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक और पार्किंग की विशेष व्यवस्था की है।
- ओरमांझी से सिकिदरी होते हुए गोला जाने वाली सड़क पर सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
- सिल्ली और मुरी मार्ग पर भी भारी वाहनों का परिचालन बंद रहेगा।
- पार्किंग की व्यवस्था भी बड़े पैमाने पर की गई है।
- लुकईयाटांड में लगभग 3000 वाहनों की पार्किंग सुविधा
- नेमरा गांव में वीवीआईपी वाहनों के लिए 50 जगहें
- अन्य स्थलों पर मिलाकर 5000 से अधिक वाहनों की पार्किंग व्यवस्था
- भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग रूट चार्ट जारी किए गए हैं।


राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से अहम आयोजन
गुरुजी शिबू सोरेन झारखंड की राजनीति के सबसे बड़े स्तंभों में से एक माने जाते थे। उनका जीवन आदिवासी समाज, किसानों और मजदूरों के हक की लड़ाई को समर्पित रहा। उनके श्राद्धकर्म भोज का आयोजन सिर्फ एक पारिवारिक या सामाजिक रस्म भर नहीं है, बल्कि यह झारखंड और देशभर में उनके प्रभाव और लोकप्रियता को दर्शाने वाला बड़ा आयोजन है।
नेमरा गांव इस मौके पर पूरी तरह से श्रद्धांजलि स्थल में तब्दील हो चुका है। जगह-जगह बैनर, पोस्टर और गुरुजी की तस्वीरें लगाई गई हैं। आने वाले दिनों में यह आयोजन न केवल राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय रहेगा, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को भी फिर से रेखांकित करेगा।