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साइबर ठगी करने वाले तीन अपराधी गिरफ्तार, बैंक अधिकारी बनकर करते थे करोड़ों की ठगी

जामताड़ा, झारखंड: झारखंड का जामताड़ा देशभर में साइबर ठगी के गढ़ के रूप में कुख्यात हो चुका है। यहां के अपराधी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर भोले-भाले लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। हाल ही में जामताड़ा साइबर सेल ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन कुख्यात साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये अपराधी पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक के लोगों को निशाना बनाकर उनके बैंक अकाउंट से लाखों रुपये उड़ा चुके थे।

गिरफ्तारी कहां और कैसे हुई? : साइबर अपराधियों की लोकेशन ट्रेस करने के बाद पुलिस ने कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के पलाश के घने जंगलों में छापेमारी की। वहां ये अपराधी बैठकर साइबर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने मौके से अबुल हसन, गुलाम अंसारी ,गोविंद मंडल रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है । गिरफ्तार किए गए साइबर अपराधियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
क्या-क्या हुआ बरामद ? : तीनो गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। इनके पास से 9 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड, 3 आधार कार्ड और 1 पैन कार्ड मिला है। इसके अलावा, कई बैंक खातों की जानकारी भी पुलिस को मिली है, जिसका उपयोग ये ठगी के लिए करते थे।

कैसे करते थे ठगी? : प्रशिक्षु डीएसपी चंद्रशेखर के मुताबिक, ये अपराधी बहुत ही सुनियोजित तरीके से साइबर ठगी को अंजाम देते थे। सबसे पहले ये खुद को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) या अन्य बैंकों का अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे। कॉल के दौरान वे बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन के नाम पर एटीएम, ओटीपी, नेट बैंकिंग और केवाईसी (KYC) से जुड़ी जानकारी मांगते थे। इसके बाद, वे पीड़ितों को AnyDesk और TeamViewer जैसे रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करने के लिए कहते थे। इन ऐप्स के जरिए वे पीड़ितों के मोबाइल और कंप्यूटर का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले लेते थे। फिर वे अकाउंट से बड़ी रकम ट्रांसफर कर लेते थे और तुरंत सबूत मिटा देते थे।
साइबर ठगी के बढ़ते मामले : जामताड़ा लंबे समय से साइबर अपराध का केंद्र बना हुआ है। यहां के कई युवा इस गैरकानूनी काम में शामिल हो चुके हैं। साइबर ठगी के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए झारखंड पुलिस और साइबर सेल लगातार छापेमारी कर रही है।

पुलिस की अपील: रहें सतर्क! : पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि कोई भी बैंक या सरकारी अधिकारी फोन पर आपसे गोपनीय जानकारी नहीं मांगता। अगर कोई अनजान व्यक्ति फोन करके बैंक अकाउंट से जुड़ी जानकारी मांगे तो सावधान रहें और तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करें।
सावधान रहें! : किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना एटीएम, ओटीपी या पासवर्ड न बताएं। AnyDesk, TeamViewer जैसे ऐप्स डाउनलोड करने से पहले सावधानी बरतें। बैंक अधिकारी बनकर आने वाले फोन कॉल्स को अनदेखा करें और रिपोर्ट करें। साइबर ठगी से बचने के लिए हमेशा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट और एप्लिकेशन का ही इस्तेमाल करें।
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