30 दिनों की आंख मिचौली खत्म, जीनत को सकुशल पकड़ा

30 दिनों तक छकाने के बाद बांकुड़ा से वन विभाग ने बाधिन जीनत को पकड़ लिया , बाघिन के पकड़े जाने से लोगों ने राहत की सांस ली।


ओडिशा और पश्चिम बंगाल, झारखण्ड के वन विभाग के कर्मचारियों को एक महीने से छका रही बाघिन ‘जीनत’ को बांकुड़ा के गोसायडीह जंगल से पकड़ लिया गया है। बाघिन को मेडिकल चेकअप के लिए कोलकाता ले जाया गया, इसके बाद वन विभाग की टीम जीनत को वापस ओडिशा के सिमलीपाल टाइगर रिजर्व ले जाएगी।….रविवार शाम गोसायडीह गांव में बाघिन को पकड़ने के लिए खांचा(पिंजरा) में चारा बांधकर रखा गया था। बाघिन खाने के लिए जैसे ही चारा के पास गई। वनकर्मियों ने ट्रॅक्यूलाइजर फायर किया। निशाना सहीं होने की वजह से जीनत बेहोश हो गई और उसे पकड़ लिया गया।

बाघिन जीनत 27 नवंबर को ओडिशा के सिमलीपाल टाइगर रिजर्व से निकल कर झारखंड में प्रवेश कर गई थी। स्वर्णरखा नदी पार करके गुडाबांदा जंगल में प्रवेश कर गई थी। 13 दिनों तक चाकुलिया वन क्षेत्र के राजाबासा, गोदराशोल, मौरबेडा, चियाबांधी के पोटास जंगल में थी। 20 दिसबंर की रात मोरबेडा जंगल से निकल कर रेलवे ट्रैक, धालभूमगढ मुख्य सड़क पार करके आमाभुला के रास्ते माटियाबांधी पंचायत के घाघरा गांव होते हुए कटुचुआ जंगल में चली गई थी।
