- Social Issues
- Social Justice
- एक्सक्लूसिव रिपोर्ट
- क्राइम न्यूज
- जनसेवा
- जनहित मुद्दे
- जनहित समाचार
- झारखंड
- टाटानगर
जादूगोड़ा में विक्षुब्ध महिला ने खुले आसमान के नीचे बच्ची को जन्म दिया

पोटका के झरिया गांव में दर्दनाक घटना, ग्रामीणों ने मदद कर पहुंचाया अस्पताल, जच्चा-बच्चा सुरक्षित।
जादूगोड़ा, झारखंड: समाज की संवेदनहीनता और व्यवस्था की विफलता का एक मार्मिक दृश्य पोटका प्रखंड के झरिया गांव में देखने को मिला, जहां एक विक्षुब्ध महिला ने खुले आसमान के नीचे असहाय अवस्था में अपनी बेटी को जन्म दिया। मंगलवार की सुबह करीब छह बजे यह घटना सामने आई।

जानकारी के अनुसार, यह महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही है और वह अपने पति या उस व्यक्ति का नाम तक बताने में असमर्थ है, जिसने उसे इस स्थिति तक पहुंचाया। नौ महीने तक गर्भ में बच्ची को पालने के बाद उसने झरिया गांव के बीचों-बीच प्रसव किया। असहनीय पीड़ा के बीच जब नवजात बच्ची की किलकारी गूंजी, तो ग्रामीण मदद के लिए आगे आए।

घटना की सूचना पाते ही जादूगोड़ा थाना के सहायक अवर निरीक्षक नारायण मिश्रा दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और यूसिल एंबुलेंस की मदद से महिला और नवजात को जमशेदपुर सदर अस्पताल भेजवाया। चिकित्सकों के अनुसार, फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
बताया जा रहा है कि पीड़िता खुद को जमशेदपुर के पारडीह निवासी बता रही है, लेकिन वह अपने पति और परिवार के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ है। यह भी साफ नहीं हो पाया है कि वह झरिया गांव तक कैसे पहुंची।



स्थानीय लोग इस घटना को समाज की गिरी हुई मानसिकता और प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण मान रहे हैं। वहीं पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती उस वहशी इंसान की पहचान करना है, जिसने महिला की जिंदगी को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया। गांव वालों की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं कि आखिर आरोपी तक पहुंचा जा सकेगा या नहीं।