झारखंड को दिशा देने वाले ‘दिशोम गुरु’ को रामगढ़ में दी गई श्रद्धांजलि, कांग्रेस नेताओं ने किया नमन

Shok Sabha Ramgarh Shok Sabha Ramgarh

रामगढ़: झारखंड की आत्मा कहे जाने वाले दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर है। रामगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी ने इस अपूरणीय क्षति पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया, जो जिले के स्थानीय ला मैरिटल होटल परिसर में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुन्ना पासवान ने की, वहीं श्रद्धांजलि सभा में रामगढ़ विधायक ममता देवी सहित जिले भर के कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

विधायक ममता देवी ने इस मौके पर गहरी भावनात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा,

“दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन एक युगपुरुष थे। उन्होंने अपने जीवन के हर पल को झारखंड के आदिवासियों, वंचितों और पिछड़ों की आवाज़ बुलंद करने में लगा दिया। अगर आज झारखंड राज्य अस्तित्व में है, तो वह उन्हीं के संघर्ष और संकल्प का परिणाम है।”

munadi live whattsapp banne.jpg

ममता देवी ने आगे कहा कि जिस दौर में झारखंड के लोगों को उनकी पहचान नहीं दी जा रही थी, उस दौर में शिबू सोरेन ने अकेले सड़कों पर उतर कर आंदोलन की मशाल जलाई। उन्होंने जंगल, जमीन, जल की लड़ाई को जनांदोलन में तब्दील कर दिया।

resizone elanza

Telegram channel

वहीं, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुन्ना पासवान ने कहा,

“झारखंड के आंदोलन की आत्मा थे दिशोम गुरु। आज के युवाओं को उनके जीवन से सीखना चाहिए कि किस तरह बिना किसी संसाधन के, सिर्फ संकल्प के बल पर एक राज्य का निर्माण संभव हुआ। हम सभी उनके ऋणी रहेंगे।”

इस शोक सभा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम नागरिक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। एक-एक कर सभी ने अपने उद्गार प्रकट करते हुए दिशोम गुरु को नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि शिबू सोरेन न केवल एक राजनेता थे, बल्कि वे झारखंड की आत्मा थे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के अधिकारों की लड़ाई में गुज़ार दी।

सभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बलजीत सिंह बेदी, सीपी संतन, खोगेंद्र साहू, केडी मिश्रा, दिनेश मुंडा, पंकज प्रसाद तिवारी, भीम साहू, मुकेश यादव, धर्मराज राम, अमित महतो, राजकुमार यादव, बलराम साहु, गौरीशंकर महतो, मोहम्मद सलीम खान सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि दिशोम गुरु का जाना सिर्फ एक नेता का जाना नहीं है, बल्कि झारखंड की चेतना का एक स्तंभ गिर गया है।

सभा का समापन “दिशोम गुरु अमर रहें” के नारों और गूंजते हुए भावनात्मक माहौल में हुआ। एक बार फिर यह संदेश स्पष्ट हो गया कि शिबू सोरेन सिर्फ नाम नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे—एक आंदोलन थे—और एक जीवंत परंपरा थे, जो हमेशा झारखंड की राजनीति, समाज और जनजीवन में जीवित रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *