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आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने उत्पाद सिपाही दौड़ में मरने वालों व मंईया योजना को लेकर कह दी बड़ी बात

रांचीः विधासभा चुनाव से पहले बुधवार को आजसू पार्टी में कई युवा कार्यकर्ता हुए शामिल हुए। इस मौके पर आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने कहा पार्टी में नए युवाओं के शामिल होने से को पार्टी को मजबूती मिलेगी। वहीं इस झारखंड में उत्पाद विभाग सिपाही बहाली दौड़ में एक दर्जन से ज्यादा अभ्यर्थियों की मौत पर सुदेश महतो ने हमेंत सोरेन सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर से यह एक बड़ी चूक है। सरकार ने भी इस पर संज्ञान लेते हुए दौड़ को स्थगित कर दिया है। हेमंत सोरेन ने एक्स पर लिखा था कि मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। लेकिन मेरा मानना है कि घटना ना घटे, इसके लिए पहले से प्रयास किया जाना चाहिए था। एक के बाद एक 12 अभ्यर्थियों की मौत के बाद उसकी जांच का आदेश देना समझ से परे है। यह एक जीवंत सरकार का उदाहरण नहीं हो सकता।

राज्य में रोजगार की स्थिति बद से बदतरः सुदेश महतो ने हेमंत सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि कहीं ना कहीं संबंधित एजेंसियों ने गंभीरता नहीं दिखाई। ये उसी का नतीजा है। इस पद की योग्यता 10वीं और 12वीं पास विद्यार्थियों के लिए है, लेकिन दौड़ शामिल होने के लिए जो अभ्यर्थी आ रहे हैं, यह राज्य की हालात बताने के लिए काफी है। इससे स्पष्ट है कि हमारे राज्य में बेरोजगारी का क्या आलम है। युवकों को रोजगार पाने के लिए कितनी मश्शकत करनी पड़ रही है। रोजगार कितना अभाव है। आंकड़े देखकर ही आप हैरान हो जाएंगे। एक सामान्य सिपाही की नौकरी के लिए दौड़ में राज्य के साढ़े चार लाख युवा भाग ले रहे हैं। इनमें वैसे युवाओं की संख्या अधिक है जो वाइट कॉलर जॉब के लिए तैयारी कर रहे थे। लेकिन बेरोजगारी व हेमंत सरकार ने उन्हें इसमें शामिल होने के लिए मजबूर कर दिया।

जिन घरों का चिराग बुझ गया उनका साथ नहीं दे रही सरकारः सुदेश महतो ने कहा कि जो 12 लोग मरे हैं, उनके प्रति सरकार द्वारा केवल संवेदना के शब्द नहीं आने चाहिए बल्कि जिन घरों का चिराग बुझ गया है उनको भरोसा देना चाहिए था। उनके साथ खड़ा होना चाहिए था यही सरकार का दायित्व होता है।
सीट बंटवारे पर अभी कोई बात नहीं हुई हैः वहीं, विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर सीट बंटवारे के सवाल पर आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने कहा कि इसे लेकर एनडीए में अभी कोई चर्चा नहीं हुई है। न हीं मैंने सीट बंटवारे को लेकर किसी से मुलाकात की है। राज्य के वर्तमान राजनीतिक हालात और परिस्थितियों पर चर्चा हुई है।



मंईयां योजना के नाम पर दिखावा कर रही सरकारः वहीं, राज्य सरकार के सरकारी कार्यक्रम मंईयां सम्मान योजना को लेकर स्कूलों की छुट्टी करने के सरकार के फैसले पर उन्होंने कहा कि आज तकनीक का जमाना है। योजनाओं को ऑनलाइन किया जा रहा है। लाभुकों को उनके बैंक खाते में एक क्लिक पर राशि भेजी जा रही है। आप जो करना चाहते हैं, जो देना चाहते हैं, वह एक बटन दबाकर लोगों को दे सकते हैं। एक महीने पहले यह योजना शुरू हुई थी। तब से लकेर आज तक 45 लाख परिवारों को ऑनलाइन पैसे दिए गए। लेकिन दक्षिनी छोटानागपुर के पांच जिलों के लाभुकों को पैसे देने लिए इतना ताम-झाम और यह जो दिखावा किया जा रहा है, यह ठीक नहीं है। रांची के नामकु में कार्यक्रम को लेकर सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। चूंकि स्कूलों की बसें नही चल रही है। सभी बसें मंईयां योजना में लोगों को ढोने में लगी है। यह कहीं से भी उचित नहीं है।