झारखंड में आयुष्मान घोटाले पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, रांची , जमशेदपुर समेत कई जगहों पर छापेमारी

रांची: झारखंड में आयुष्मान भारत योजना में करोड़ों के घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ताबड़तोड़ छापेमारी की है। यह कार्रवाई पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के करीबी और उनके पूर्व ओएसडी (निजी सचिव) ओमप्रकाश सिंह उर्फ़ गुड्डू सिंह के ठिकानों पर भी हुई।

जमशेदपुर में ओमप्रकाश सिंह के मानगो स्थित नीलगिरी अपार्टमेंट में ईडी ने दबिश दी है । एनएच-33 पर स्थित स्पंदन नर्सिंग होम पर भी छापेमारी चल रही है। राजधानी रांची समेत झारखंड के कई अन्य स्थानों पर भी एक साथ कार्रवाई चल रही है ।
ईडी को जानकारी मिली थी कि आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ है।
कई अस्पतालों ने बिना मरीजों को भर्ती किए ही इलाज का बिल बना लिया और सरकारी राशि का गबन किया। झारखंड में करीब 750 से अधिक अस्पताल इस योजना के तहत सूचीबद्ध हैं, जहां करोड़ों का घोटाला सामने आ सकता है।

ईडी ने अभी तक इस छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं। ईडी जल्द ही मामले से जुड़े आरोपियों को पूछताछ के लिए समन भेज सकता है।
अगर घोटाले में शामिल अन्य अस्पतालों के नाम सामने आते हैं, तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि उनके करीबी पर छापा पड़ा है

वहीं ईडी कार्रवाई पर जमशेदपुर विधायक सरयू राय का कहना है कि कोरोना के समय आयुष्मान के नाम पर करोड़ों का घोटाला हुआ है , 40 करोड़ का फर्जी बिल अब तक पड़ा हुआ है, पूरे राज्य में 200 से अधिक अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत करोड़ का घोटाला किया गया है, ऐसा बिना मंत्री के मिलीभगत के बिना नहीं हो सकता है , उन्होंने कहा कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के सचिव के घर ईडी की कार्रवाई के बाद कई बड़े नाम सामने आएंगे l
झारखंड में इस बड़े घोटाले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो सकती है। देखना होगा कि ईडी की अगली कार्रवाई क्या होगी और कौन-कौन इसमें फंसता है।