सारंडा ऑपरेशन मेगाबुरु: 17 नक्सली ढेर, मिसिर बेसरा समेत 45 माओवादी घिरे
सारंडा में ‘ऑपरेशन मेगाबुरु’ से माओवादियों की कमर टूटी
Chaibasa : झारखंड के माओवादी गढ़ सारंडा जंगल में चल रहे ‘ऑपरेशन मेगाबुरु’ ने उग्रवादियों को बड़ा झटका दिया है। दो दिनों तक चले संयुक्त अभियान में अब तक 17 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, अभी भी करीब 45 माओवादी पश्चिमी सिंहभूम जिले के छोटानागरा और किरिबुरू थाना क्षेत्र की सीमा पर घिरे हुए हैं।
इन घिरे माओवादियों का नेतृत्व एक करोड़ रुपये के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल उर्फ सागर कर रहा है। वह गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र का निवासी बताया जाता है।
दो दिन में बड़ी सफलता
इस संयुक्त अभियान में सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस बल शामिल हैं। सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने 17 माओवादियों के शव, हथियार और अन्य सामग्री बरामद की है। मारे गए उग्रवादियों में पहले दिन एक करोड़ के इनामी अनल उर्फ पतिराम मांझी भी शामिल था।
खुफिया सूचना के आधार पर घेराबंदी
इंटेलिजेंस ब्यूरो और स्पेशल ब्रांच (SIB) को मिली सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने इलाके में घेराबंदी तेज कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, घिरे हुए माओवादियों में दूसरे नंबर पर सेंट्रल कमेटी सदस्य असीम मंडल उर्फ आकाश उर्फ तिमिर भी शामिल है, जिस पर भी एक करोड़ का इनाम घोषित है।
IED का सुरक्षा घेरा
खुफिया इनपुट के मुताबिक, माओवादियों ने अपने चारों ओर IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) का सुरक्षा घेरा बना रखा है, ताकि सुरक्षाबलों की घेराबंदी को तोड़ा जा सके। सुरक्षा एजेंसियां अत्यंत सतर्कता के साथ आगे बढ़ रही हैं।
मार्च 2026 तक माओवादी सफाए का लक्ष्य
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर झारखंड पुलिस और केंद्रीय बलों ने मार्च 2026 तक राज्य से माओवादियों के सफाए का लक्ष्य तय किया है। इसी रणनीति के तहत कोल्हान क्षेत्र में ऑपरेशन की रफ्तार बढ़ाई गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में अभियान
यह अभियान उच्च स्तर की निगरानी में चलाया जा रहा है। इस ऑपरेशन को
- सीआरपीएफ आईजी साकेत कुमार सिंह
- झारखंड पुलिस आईजी (अभियान) डॉ. माइकल राज
- झारखंड जगुआर आईजी अनूप बिरथरे
- डीआईजी इंद्रजीत महथा निर्देशित कर रहे हैं।
माओवादी प्रभाव क्षेत्र सिमटा
सुरक्षा बलों का दावा है कि टोंटो और गोइलकेरा क्षेत्र अब लगभग माओवादी प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं। सारंडा में जारी यह ऑपरेशन उग्रवाद के खिलाफ निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।
अभियान जारी, और सफलता की उम्मीद
अधिकारियों के अनुसार, इलाके में अभी भी सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है। आने वाले दिनों में और बड़ी सफलता मिलने की संभावना जताई जा रही है।








