सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची में “रंगोत्सव – होली मिलन 2026” का उल्लासपूर्ण आयोजन
मुनादी लाइव: सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची के परिसर में उस समय उल्लास और उत्सव के रंग बिखर उठे जब शिक्षकगण “रंगोत्सव – होली मिलन 2026” के अवसर पर एकत्रित हुए। विशेष रूप से शिक्षकों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम ने आत्मीयता, एकता और होली के वास्तविक उत्सवी भाव को सजीव कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत मधुर समूहगान से हुई। सुरों से सजा यह प्रारंभ पूरे वातावरण को सौहार्दपूर्ण और भावनात्मक बना गया। समूहगान में होली के पारंपरिक फाग और उल्लासपूर्ण धुनों ने उत्सव की गरिमा को और बढ़ाया। इसके पश्चात शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत ऊर्जावान समूह नृत्य ने कार्यक्रम में नई जान फूंक दी। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे शिक्षक-शिक्षिकाओं ने आकर्षक कोरियोग्राफी के माध्यम से अपनी सशक्त टीम भावना और सामूहिक ऊर्जा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

आयोजन स्थल को थीम आधारित सजावट से सुसज्जित किया गया था। रंगीन अबीर-गुलाल की प्रतीकात्मक सजावट, पुष्प अलंकरण और होली के पारंपरिक तत्वों ने पूरे सभागार को रंगमय बना दिया। यह सजावट केवल दृश्य सौंदर्य तक सीमित नहीं रही, बल्कि उत्सव की आत्मा को भी प्रतिबिंबित कर रही थी।
कार्यक्रम के दौरान अंताक्षरी और हाउजी जैसी रोचक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन सहभागितापूर्ण खेलों ने शिक्षकों के बीच हँसी-ठिठोली, अपनापन और आपसी संवाद को प्रोत्साहित किया। पूरे कार्यक्रम में सहकर्मियों के बीच सकारात्मक ऊर्जा और सौहार्द की झलक स्पष्ट दिखाई दी।

समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मनीषा शर्मा ने कहा कि होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि नवचेतना, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का उत्सव है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक परस्पर सम्मान और सहयोग की भावना के साथ एकत्रित होते हैं, तो वे विद्यार्थियों के लिए अधिक प्रेरणादायी और सृजनात्मक वातावरण तैयार करते हैं। उनके अनुसार यह आयोजन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संस्थान की जीवंतता और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतिबिंब है।

कार्यक्रम का समापन एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएँ देने के साथ हुआ। शिक्षकों ने परस्पर अबीर लगाकर भाईचारे और एकता का संदेश दिया। पूरे परिसर में उल्लास, संगीत और सकारात्मक ऊर्जा की अनूठी छटा बिखरी रही।
“रंगोत्सव – होली मिलन 2026” सरला बिरला पब्लिक स्कूल में केवल एक उत्सव नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षकों के बीच आत्मीय जुड़ाव, सामूहिक उत्साह और सांस्कृतिक गौरव का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर स्थापित हुआ।









