रांची के अरगोड़ा चौक स्थित लिकर बार में बढ़ते विवाद पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, लाइसेंस सस्पेंड
Ranchi: राजधानी रांची के अरगोड़ा चौक स्थित एक लिकर बार में लगातार विवाद, शोर-शराबा और मारपीट की घटनाओं ने आखिरकार जिला प्रशासन को कड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। बीते कई दिनों से बार के बाहर और अंदर चल रहे झगड़ों को लेकर स्थानीय लोग भी परेशान थे, वहीं पुलिस रिपोर्ट ने इस मामले को गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय बना दिया था।
पुलिस रिपोर्ट में गंभीर सुरक्षा जोखिम की बात
रांची एसएसपी राकेश रंजन द्वारा उपायुक्त को भेजे गए प्रतिवेदन में बताया गया कि अरगोड़ा चौक का मार्ग न सिर्फ व्यस्त है बल्कि अत्यंत संवेदनशील भी है। इस मार्ग से प्रतिदिन कई विशिष्ट और अतिविशिष्ट व्यक्तियों का आवागमन होता है। ऐसे में बार के भीतर बार-बार होने वाले विवाद सुरक्षा व्यवस्था के लिए खतरनाक साबित हो सकते थे।
एसएसपी ने रिपोर्ट में यह भी बताया कि बार संचालक द्वारा ट्रांसजेंडर समूहों को बुलाकर डांस और क्लब जैसी गतिविधियाँ कराई जा रही थीं। इसके चलते बार परिसर में कई बार तीखे विवाद, गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएँ दर्ज की गईं। पुलिस ने आशंका जताई कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
डीसी ने बार का लाइसेंस किया सस्पेंड
एसएसपी की अनुशंसा पर तुरंत कार्रवाई करते हुए रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने उत्पाद अधिनियम की धारा 42 के तहत बार का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। प्रशासन ने साफ कहा है कि सार्वजनिक शांति भंग करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान पर इसी तरह कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीसी कार्यालय के अनुसार, बार प्रबंधन बार-बार चेतावनी के बावजूद माहौल नियंत्रित रखने में विफल रहा, जिससे स्थिति कई बार कानून-व्यवस्था के लिए खतरनाक स्तर पर पहुंच गई थी।

स्थानीय लोगों ने कहा—अब मिलेगी राहत
अरगोड़ा चौक और आसपास के लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई का स्वागत किया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि देर रात तक तेज़ संगीत, शराब के नशे में झगड़े और भीड़ के कारण सड़कों पर असुरक्षा का माहौल बना रहता था।
एक स्थानीय निवासी ने बताया—
“रोज़ रात झगड़ा, चिल्लाना, मारपीट—हम सब बहुत परेशान थे। प्रशासन ने सही समय पर सही कदम उठाया है।”
आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी
जिला प्रशासन ने संकेत दिया है कि शहर में जहां-जहां इस तरह की गतिविधियाँ पाई जाएँगी, वहाँ लाइसेंस निलंबन और कानूनी कार्रवाई जैसे कठोर कदम उठाए जाएँगे। झारखंड सरकार द्वारा हाल ही में सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा सख़्त करने के आदेश के बाद यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।








