डी.ए.वी. नंदराज पब्लिक स्कूल, बरियातू में साइबर सुरक्षा पर सेमिनार आयोजित
रांची: डी.ए.वी. नंदराज पब्लिक स्कूल, बरियातू में सोमवार को साइबर पीस यात्रा कार्यक्रम के तहत साइबर सुरक्षा पर एक विशेष सेमिनार आयोजित किया गया। स्कूल के ऑडिटोरियम ‘गूँज’ में हुए इस कार्यक्रम में छात्रों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल बैंड “Waves” की संगीतमय प्रस्तुति और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. संजय जैन एवं आर्य समाज रांची के मंत्री अजय आर्य मौजूद रहे।
सेमिनार का नेतृत्व साइबर पीस फाउंडेशन के ग्लोबल प्रेसिडेंट मेजर विनीत कुमार ने किया। उन्होंने छात्रों को साइबर सुरक्षा के आधुनिक खतरों, जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार और डिजिटल सतर्कता के महत्व के बारे में जागरूक किया।

उन्होंने कहा कि इंटरनेट आज का नया युद्धक्षेत्र है। स्कूल के प्राचार्य डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने इसे आगे बढ़ाते हुए कहा—
“युद्ध ऑनलाइन, एआई और इंटरनेट पर भी लड़े जाते हैं। जीतना है तो इसमें पारंगत बनो।”
सेमिनार में महत्वपूर्ण सीख
मेजर विनीत कुमार ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर छात्रों को प्रशिक्षित किया, जिनमें शामिल थे—
- ऑनलाइन उत्पीड़न की रिपोर्टिंग व ब्लॉकिंग
- सुरक्षित डिजिटल ट्रांजेक्शन
- बैंक खातों को सुरक्षित रखने के उपाय
- फर्जी सूचनाओं और ऑनलाइन धोखाधड़ी की पहचान
- साइबर अपराधों से बचाव के सरल तरीके
सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने कई प्रश्न पूछे जिनके विस्तारपूर्वक उत्तर मेजर कुमार ने अत्यंत सहजता से दिए।

पॉडकास्ट ने बढ़ाई रोचकता
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण क्लास 12 की छात्रा क्रिट्टी रंजन द्वारा लिया गया पॉडकास्ट था। इसमें उन्होंने मेजर विनीत कुमार से उनके सेना अधिकारी से साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ बनने तक के सफर पर बातचीत की। यह बातचीत छात्रों के लिए प्रेरणादायक साबित हुई।
जैटो रांची लेडीज़ विंग की महत्वपूर्ण पहल
यह आयोजन जैटो रांची लेडीज़ विंग द्वारा आयोजित किया गया जिसमें प्रियंका जैन, डिजीनारी नेशनल कन्वेनर, और जैटो रांची चैप्टर के प्रतिनिधि— विशाल जैन (चेयरमैन), सर्वेश जैन (चीफ सेक्रेटरी), अर्पित जैन (कोषाध्यक्ष) —उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें छात्रों को इंटरनेट सुरक्षा और डिजिटल जिम्मेदारी जैसे विषयों पर व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ। साइबर पीस यात्रा छात्रों को जागरूक, आत्मविश्वासी और सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनाने की दिशा में एक अत्यंत सफल पहल साबित हुई।









