धनबाद रिंग रोड भू-अर्जन घोटाला: ACB की बड़ी कार्रवाई, 17 गिरफ्तार
पांच जिलों में एक साथ ACB की छापेमारी
Dhanbad : धनबाद रिंग रोड निर्माण और भू-अर्जन मुआवजा वितरण में कथित अनियमितताओं को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने झारखंड के पांच जिलों—धनबाद, रांची, दुमका, गिरिडीह और देवघर—में एक साथ छापेमारी कर 17 लोगों को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई गुरुवार रात शुरू होकर शुक्रवार सुबह तक चली। अभियान में एसीबी की कुल 10 टीमें शामिल रहीं और सुरक्षा के लिहाज से भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
भू-राजस्व कर्मचारी और बिचौलिये गिरफ्त में
एसीबी सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में भू-राजस्व विभाग से जुड़े कर्मचारी और मुआवजा वितरण प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाने वाले बिचौलिये शामिल हैं। आरोप है कि इन लोगों ने आपसी साठगांठ कर नियमों को दरकिनार करते हुए मुआवजा राशि की बंदरबांट की।
34 लोगों के खिलाफ दर्ज है प्राथमिकी
यह मामला समाजसेवी रमेश राही की शिकायत पर दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच के दौरान इस भू-अर्जन घोटाले में कुल 34 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एसीबी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
अभिलेखों में हेराफेरी और गलत मुआवजा भुगतान
जांच में आरोप सामने आए हैं कि रिंग रोड निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई जमीनों से जुड़े सरकारी अभिलेखों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गईं। नियमों को ताक पर रखकर गलत तरीके से मुआवजा तय किया गया और राशि का भुगतान किया गया।
एसीबी सूत्रों का कहना है कि कई मामलों में असली जमीन मालिकों को पूरा मुआवजा नहीं मिला, जबकि फर्जी या मिलीभगत वाले खातों में रकम ट्रांसफर कर दी गई।
100–150 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का आरोप
समाजसेवी रमेश राही ने बताया कि उन्होंने इस घोटाले को वर्ष 2013 में ही उजागर कर दिया था, हालांकि मामले में एफआईआर वर्ष 2016 में दर्ज की गई। उनके अनुसार यह घोटाला 100 से 150 करोड़ रुपये से भी अधिक का हो सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भू-अर्जन अधिकारी, भू-अर्जन कार्यालय और अंचल कार्यालय से जुड़े अधिकारियों ने मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया।
दोषियों की संपत्ति जब्त करने की मांग
रमेश राही ने एसीबी की कार्रवाई का स्वागत करते हुए सरकार से मांग की है कि इस मामले में शामिल सभी दोषियों की संपत्ति जब्त की जाए। उन्होंने कहा कि जिन गरीब किसानों और जमीन मालिकों का मुआवजा हड़प लिया गया है, वह राशि उन्हें वापस मिलनी चाहिए।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
एसीबी ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई शुरुआती चरण है। दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और घोटाले की पूरी कड़ी सामने आने के बाद अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।








