फ्यूचर-टेक स्किल्स में 1,750 युवाओं को सर्टिफिकेट, इंडस्ट्री-रेडी कौशल पर ज़ोर
Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में तकनीकी शिक्षा और रोजगारोन्मुख कौशल विकास को लेकर एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। फ्यूचर-टेक स्किल्स कार्यक्रम के अंतर्गत 1,750 छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कोडिंग व प्रोग्रामिंग, बिग डेटा और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसे अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सर्टिफिकेट प्रदान किए जा रहे हैं। यह पहल युवाओं को इंडस्ट्री-रेडी बनाने, उनकी तकनीकी क्षमता बढ़ाने और रोजगार के लिए तैयार करने पर केंद्रित है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत सर्टिफिकेट पाने वाले छात्रों की संख्या में AI के 950 छात्र, कोडिंग व प्रोग्रामिंग में 550, बिग डेटा में 150 और IoT में 100 छात्र शामिल हैं। कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इस चरण के साथ ही अब तक कुल 3,900 छात्रों को सर्टिफिकेशन मिल चुका है, जबकि भविष्य में 5,000 युवाओं को स्किल्स से लैस करने का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य देशभर में 20,000 छात्रों को अपस्किल करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।
10 राज्यों में चल रहा प्रशिक्षण, इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक डिज़ाइन
फ्यूचर-टेक स्किल्स का यह प्रशिक्षण देश के 10 राज्यों में एक साथ संचालित किया जा रहा है। इसे विशेष रूप से मौजूदा समय में टेक इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है, ताकि छात्र प्रशिक्षण के बाद सिर्फ डिग्रीधारी नहीं बल्कि व्यावहारिक रूप से सक्षम पेशेवर बन सकें।
इस पहल की एक खास बात यह भी है कि तकनीकी विषयों के साथ युवाओं को सॉफ्ट-स्किल्स इनपुट और प्लेसमेंट-सहायता भी दी जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रशिक्षण लेने वाले युवा इंटरव्यू, टीमवर्क, कम्युनिकेशन और कार्यस्थल व्यवहार में भी मजबूत हों।
महिलाओं की भागीदारी 44 प्रतिशत, समावेशी स्किलिंग पर जोर
कार्यक्रम से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, देश स्तर पर 44 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई है। इसे समावेशी स्किलिंग की दिशा में एक मजबूत संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भारत के डिजिटल भविष्य के लिए एक सकारात्मक बदलाव है।
ESSCI के सहयोग से लागू, अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक टेक एजुकेशन की पहुंच
यह कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ESSCI) के सहयोग से मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण भागीदारों के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहकर कम सेवा वाले और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक भी भविष्य की तकनीकी शिक्षा की पहुंच को बढ़ाना है।
सैमसंग ने कहा: शिक्षा और इंडस्ट्री के बीच की खाई होगी कम
इस अवसर पर सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Southwest Asia) के CSR और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस प्रमुख शुभम मुखर्जी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता युवाओं को AI, IoT, बिग डेटा और कोडिंग जैसे क्षेत्रों में हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग देकर शिक्षा और इंडस्ट्री के बीच की दूरी कम करना है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण युवाओं के लिए केवल स्किल्स नहीं बल्कि उनके भविष्य की संभावनाओं का विस्तार भी है।
झारखंड के युवाओं के लिए रोजगार की नई राह
झारखंड जैसे राज्य में, जहां युवाओं के लिए स्किल आधारित रोजगार की मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे कार्यक्रमों को नई उम्मीद और अवसर के रूप में देखा जा रहा है। तकनीक आधारित स्किलिंग से युवा न सिर्फ IT सेक्टर बल्कि डिजिटल स्टार्टअप, डेटा एनालिटिक्स, ऑटोमेशन, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ सकते हैं।








