चतरा विमान हादसा: 7 मौतों के बाद सरकार अलर्ट, स्वास्थ्य मंत्री ने की रातों-रात समीक्षा
ब्लैक बॉक्स जांच और सुरक्षा ऑडिट के निर्देश, SOP और एयरवर्थिनेस पर उठे सवाल
रांची: चतरा के पास चार्टर एयर एंबुलेंस विमान दुर्घटना में सात लोगों की दर्दनाक मौत के बाद झारखंड सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी रातों-रात करीब 400 किलोमीटर की यात्रा कर चतरा पहुंचे और सदर अस्पताल व घटनास्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, सिविल सर्जन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
SOP और एयरवर्थिनेस पर उठे गंभीर सवाल
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला विमानन सुरक्षा मानकों, स्टैंडर्ड फ्लाइट ऑपरेशन प्रोसीजर (SOP) और एयरवर्थिनेस प्रमाणन से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की टीम तकनीकी जांच के लिए रवाना हो चुकी है।
ब्लैक बॉक्स बरामद कर तकनीकी खामी, खराब मौसम, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) संवाद रिकॉर्ड, मेंटेनेंस लॉग और सर्विस हिस्ट्री की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।
चार्टर कंपनी और पायलट के अनुभव की होगी जांच
डॉ. इरफान अंसारी ने संबंधित चार्टर कंपनी के विमान पंजीकरण, एयरवर्थिनेस सर्टिफिकेट, डीजीसीए नियमों के अनुपालन, मेंटेनेंस शेड्यूल और ऑपरेशनल क्लियरेंस की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही, मानवीय भूल या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य ढांचे पर भी उठे सवाल, मंत्री ने कही बड़ी बात
मंत्री ने इस हादसे को राज्य के स्वास्थ्य ढांचे के लिए चेतावनी बताते हुए कहा कि अगर झारखंड में अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, रिम्स-2 परियोजना, समर्पित ट्रॉमा सेंटर और मजबूत एयर एंबुलेंस आधारित क्रिटिकल केयर सिस्टम होता तो गंभीर मरीजों को बाहर रेफर करने की जरूरत कम पड़ती।
उन्होंने राज्य में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में ठोस कदम उठाने का भरोसा दिलाया।
पीड़ित परिवारों को सहायता का भरोसा
डॉ. अंसारी ने कहा कि यह हादसा उन्हें व्यक्तिगत रूप से मर्माहत कर गया है और राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। सरकार की ओर से हर संभव सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय सांसद, विधायक, कांग्रेस जिला अध्यक्ष और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। अब सभी की नजर तकनीकी जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो हादसे की असली वजह साफ करेगी।








