हजारीबाग में 5 दिनों में 60 से ज्यादा मवेशियों की मौत, CCL के पानी पर आरोप
केरेडारी के जोरदाग गांव में दहशत, ग्रामीण बोले– खदान का जहरीला पानी बना वजह
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड अंतर्गत जोरदाग गांव से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां पिछले पांच दिनों में 60 से अधिक मवेशियों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार, हर दिन 12 से 13 पशुओं की मौत हो रही है, जिससे पूरे इलाके में दहशत और चिंता का माहौल बना हुआ है।
CCL खदान के पानी पर गंभीर आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि पास की CCL खदान से निकलने वाला दूषित पानी इस त्रासदी की मुख्य वजह है। बताया जा रहा है कि यही जहरीला पानी आसपास के जलस्रोतों में मिल रहा है, जिसे पीने के बाद मवेशी बीमार पड़ रहे हैं और कुछ ही समय में उनकी मौत हो जा रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि अब तक न तो पानी की जांच हुई है और न ही इस प्रवाह को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया है।
विकास बनाम लापरवाही पर सवाल
यह घटना एक बार फिर विकास और पर्यावरणीय लापरवाही के बीच की सच्चाई को उजागर करती है। एक ओर खनन गतिविधियों को विकास का नाम दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसका खामियाजा गांव के पशुपालक और बेजुबान जानवर भुगत रहे हैं। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा?
विधायक ने लिया संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक रोशन लाल चौधरी ने संज्ञान लिया है और बीडीओ समेत CCL अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ जांच से काम नहीं चलेगा, उन्हें तत्काल राहत और ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
पशुपालकों के सामने आजीविका संकट
लगातार हो रही मवेशियों की मौत से जोरदाग गांव के पशुपालकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मवेशियों की अहम भूमिका होती है और इस तरह की घटनाएं सीधे उनकी रोजी-रोटी पर असर डाल रही हैं।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
अगर जल्द ही इस पर रोक नहीं लगी, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। अब देखना होगा कि प्रशासन समय रहते सख्त कदम उठाता है या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह सिर्फ आंकड़ों में सिमट कर रह जाता है।







