Instagram का नया सेफ्टी फीचर: ‘सुसाइड’ सर्च पर पेरेंट्स को अलर्ट
नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। अब अगर कोई नाबालिग यूजर बार-बार ‘सुसाइड’ या ‘सेल्फ-हार्म’ से जुड़े शब्द सर्च करता है, तो उसके माता-पिता को अलर्ट भेजा जाएगा। यह सुविधा Instagram के ऑप्शनल पैरेंटल सुपरविजन प्रोग्राम के तहत उपलब्ध होगी।
कैसे काम करेगा नया फीचर?
यह फीचर उन अकाउंट्स पर लागू होगा जो टीनएज यूजर्स के हैं और जिनके अभिभावक पहले से पैरेंटल सुपरविजन सेटिंग्स में रजिस्टर्ड हैं। यदि बच्चा ‘suicide’, ‘self-harm’ या इसी तरह के संवेदनशील शब्दों को बार-बार सर्च करता है,तो सिस्टम एक नोटिफिकेशन के जरिए माता-पिता को सूचित करेगा। हालांकि, प्राइवेसी नियमों के तहत यह नहीं बताया जाएगा कि बच्चे ने क्या खास कंटेंट देखा, बल्कि सिर्फ यह संकेत मिलेगा कि वह संवेदनशील विषय खोज रहा है।

क्यों जरूरी था यह कदम?
विशेषज्ञों के अनुसार, किशोरावस्था में मानसिक दबाव, अकेलापन और डिजिटल प्रभाव कई बार बच्चों को जोखिम भरे कंटेंट की ओर धकेल सकते हैं। Instagram का कहना है कि यह फीचर मानसिक स्वास्थ्य पर समय रहते ध्यान देने में मदद करेगा, अभिभावकों को बातचीत शुरू करने का अवसर देगा और संभावित खतरों को शुरुआती स्तर पर रोकने में सहायक होगा।
प्राइवेसी और सुरक्षा का संतुलन
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह फीचर केवल उन्हीं परिवारों के लिए सक्रिय होगा जो स्वेच्छा से सुपरविजन प्रोग्राम में शामिल होंगे। इसके तहत माता-पिता बच्चे के फॉलोअर्स और समय सीमा जैसी सेटिंग्स देख सकते हैं। अब इसमें संवेदनशील सर्च अलर्ट भी जोड़ा गया है।
मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ती चिंता
हाल के वर्षों में सोशल मीडिया और मानसिक स्वास्थ्य के संबंध को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हुई है। कई देशों में सरकारें टेक कंपनियों पर बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम लागू करने का दबाव बना रही हैं। Instagram का यह कदम उसी दिशा में एक और प्रयास माना जा रहा है।
विशेषज्ञों की सलाह
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी निगरानी के साथ-साथ खुली बातचीत और भावनात्मक सहयोग भी जरूरी है। केवल अलर्ट मिलना काफी नहीं, बल्कि समय पर संवाद और पेशेवर मदद ही असली समाधान है । यह फीचर आने वाले दिनों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे Instagram की पैरेंटल सुपरविजन सेटिंग्स को सक्रिय कर बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखें ।







