किश्तवाड़ एनकाउंटर में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी, दो आतंकी ढेर
Munadi Live Desk : सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों से मिले विश्वसनीय इनपुट के आधार पर किश्तवाड़ के चटरू इलाके में ऑपरेशन त्राशी-I शुरू किया गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस, इंटेलिजेंस ब्यूरो और स्थानीय सूत्रों से मिली सूचना में आतंकवादियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई थी। इसके बाद सेना की CIF डेल्टा यूनिट ने पुलिस और सीआरपीएफ के साथ समन्वित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी।
अधिकारियों के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे कठिन और बर्फ से ढके जंगलों में सुरक्षाबलों का आतंकियों से आमना-सामना हुआ, जिसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई।
रणनीतिक सटीकता के साथ सुरक्षाबलों ने बनाई बढ़त
सेना ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान जवानों ने सामरिक सटीकता, बेहतर तालमेल और आक्रामक रणनीति का प्रदर्शन किया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेरकर मार गिराया। मुठभेड़ के बाद इलाके से दो AK-47 राइफल और अन्य युद्धक सामग्री बरामद की गई, जो आतंकियों की बड़ी साजिश की ओर इशारा करती है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इलाके में और भी आतंकी छिपे हो सकते हैं, इसलिए सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है।
चटरू जंगल क्षेत्र पहले भी रहा है संवेदनशील
जिस चटरू वन क्षेत्र में यह एनकाउंटर हुआ है, वह पहले भी आतंकियों की गतिविधियों को लेकर संवेदनशील माना जाता रहा है। पिछले महीने भी इसी इलाके में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें एक सैनिक और एक आतंकी मारा गया था। लगातार मिल रहे इनपुट के कारण सेना इस क्षेत्र में हाई अलर्ट पर थी।
सेना का सख्त संदेश – शांति भंग करने वालों को नहीं मिलेगी राहत
व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जो भी लोग क्षेत्र की शांति भंग करने की कोशिश करेंगे, उनके साथ किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इलाके में तलाशी अभियान जारी, अतिरिक्त फोर्स तैनात
एनकाउंटर के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि संभावित खतरे को देखते हुए अतिरिक्त बलों को मौके पर भेजा गया है। आसपास के गांवों में भी निगरानी बढ़ाई गई है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
वैश्विक स्तर पर बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच बड़ी सफलता
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के समय में सीमावर्ती इलाकों में आतंकी गतिविधियों की कोशिशें बढ़ी हैं। ऐसे में किश्तवाड़ में मिली यह सफलता सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे न केवल क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को झटका लगा है, बल्कि स्थानीय लोगों में भी सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है।








