रांची में महानवमी पर JAP-1 गोर्खा बलों ने की शस्त्र पूजा और तोपों की सलामी
एसएसपी राकेश रंजन ने कहा – बलों का मनोबल बढ़ाने और देश-प्रदेश की समृद्धि की कामना का है यह पर्व
रांची: महानवमी के अवसर पर राजधानी रांची स्थित झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP-1) परिसर का माहौल पूरी तरह धार्मिक और अनुशासित दिखाई दिया। बुधवार को यहां तैनात गोर्खा सुरक्षा बलों ने पारंपरिक तरीके से शस्त्र पूजा की और देवी दुर्गा (नौ कन्या) को तोपों की सलामी दी।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सह JAP-1 कमांडेंट राकेश रंजन ने सर्वप्रथम देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना की। इसके बाद ‘नौ कन्या’ पूजन और हथियारों की पूजा संपन्न हुई। कार्यक्रम में बलों और उनके परिवारों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।

एसएसपी राकेश रंजन ने दिया संदेश
पूजा के बाद एसएसपी राकेश रंजन ने कहा—
“महानवमी JAP-1 के गोर्खा बलों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ा दिन है। हमारे जवान लगातार वीवीआईपी, वीआईपी की सुरक्षा में तैनात रहते हैं या फिर दूरस्थ नक्सल प्रभावित इलाकों में अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में यह अवसर उन्हें शक्ति, आस्था और अनुशासन का संदेश देता है। हमने देवी दुर्गा, ‘नौ कुमारी’ और ‘भैरव बटुक’ की पूजा की और माता रानी से प्रार्थना की कि हमारे जवान जहां कहीं भी ड्यूटी पर हों, वे सुरक्षित रहें।”
उन्होंने आगे कहा कि नवरात्रि का पर्व केवल धार्मिक आस्था ही नहीं बल्कि देश और समाज की समृद्धि की कामना का भी प्रतीक है। इसी कड़ी में JAP-1 परिसर में झारखंड और पूरे देशवासियों के कल्याण के लिए भी प्रार्थना की गई।

शस्त्र पूजा की ऐतिहासिक परंपरा
भारत में विजयादशमी और महानवमी पर शस्त्र पूजा की परंपरा सदियों पुरानी है। खासकर सैनिक और पुलिस बल इस दिन अपने हथियारों को शक्ति और साहस का प्रतीक मानकर उनका पूजन करते हैं। मान्यता है कि शस्त्र केवल युद्ध का साधन नहीं, बल्कि धर्म और न्याय की रक्षा का उपकरण भी हैं।
गोर्खा बलों में यह परंपरा विशेष रूप से जीवित है। इतिहास गवाह है कि गोर्खा जवानों ने अपनी वीरता और निष्ठा से हमेशा देश की रक्षा की है। JAP-1 के गोर्खा कर्मी इसी परंपरा को हर साल जीवंत करते हैं और शस्त्र पूजा कर देवी मां से शक्ति और साहस की प्रार्थना करते हैं।

अनुशासन और आस्था का संगम
इस अवसर पर परिसर में मौजूद जवानों ने अपने हथियारों को सजाया और विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद तोपों से सलामी दी गई। पूरे आयोजन में आस्था और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला।
परिवार के सदस्यों ने भी पूजा में भाग लिया और जवानों के साथ इस पर्व की खुशी साझा की। यह आयोजन सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि बलों के बीच एकता, भाईचारे और मनोबल बढ़ाने का भी अवसर बना।
JAP-1 की भूमिका और महत्व
झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP-1) राज्य के सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा बलों में से एक है। यह बल न केवल राजधानी रांची बल्कि पूरे राज्य में वीवीआईपी और वीआईपी सुरक्षा, दंगा नियंत्रण और नक्सल प्रभावित इलाकों में अभियान चलाने में अहम भूमिका निभाता है।
गोर्खा जवान अपनी बहादुरी और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। उनकी उपस्थिति हर आयोजन को विशेष बना देती है। महानवमी पर आयोजित यह शस्त्र पूजा इस बात का प्रतीक है कि सुरक्षा बल अपनी जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ परंपराओं को भी संजोए हुए हैं।

प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत
कार्यक्रम के समापन पर एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन जवानों को प्रेरणा और ऊर्जा देते हैं। इससे वे अपने कर्तव्यों को और अधिक निष्ठा और समर्पण के साथ निभा पाते हैं।
उन्होंने बलों को बधाई दी और कहा कि देवी मां की कृपा से JAP-1 के जवान राज्य और देश की सेवा में निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।
रांची के JAP-1 परिसर में महानवमी पर आयोजित शस्त्र पूजा और तोपों की सलामी सिर्फ धार्मिक परंपरा का निर्वाह नहीं, बल्कि सुरक्षा बलों की एकजुटता और जिम्मेदारी का प्रतीक भी है। यह आयोजन यह संदेश देता है कि जब आस्था और अनुशासन साथ आते हैं, तो किसी भी चुनौती का सामना आसानी से किया जा सकता है।








