JPSC सिविल सेवा परीक्षा में आयु सीमा पर मिल सकती है राहत, सरकार ने दिए सकारात्मक संकेत
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) सिविल सेवा परीक्षा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अधिकतम आयु सीमा में छूट दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने विधानसभा में कहा कि कैबिनेट की पिछली बैठक में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई थी और मुख्यमंत्री भी इस विषय को लेकर संवेदनशील हैं। सरकार का प्रयास है कि कोई भी अभ्यर्थी आवेदन से वंचित न रहे।
शून्यकाल में उठा मुद्दा, विधायकों ने जताई चिंता
विधानसभा के शून्यकाल में विधायक जयराम महतो सहित कई सदस्यों ने आयु सीमा से जुड़े विवाद को उठाया। उन्होंने कहा कि पिछली सिविल सेवा परीक्षा में अधिकतम आयु की गणना 1 अगस्त 2017 से की गई थी, जबकि वर्तमान परीक्षा में इसे 1 अगस्त 2026 से जोड़ा गया है। इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो रहे हैं।
विधायकों ने यह भी कहा कि लगातार परीक्षा में देरी और नीतिगत बदलाव के कारण कई युवाओं की उम्र सीमा पार हो गई है, जो उनके भविष्य के साथ अन्याय जैसा है।
गरीब अभ्यर्थियों की चिंता भी उठी
विधायक प्रदीप यादव ने सदन में कहा कि कुछ अभ्यर्थी हाई कोर्ट गए हैं और उन्हें आवेदन करने की अनुमति मिल गई है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्र अदालत नहीं जा सके, जिससे वे अवसर से वंचित रह गए। उन्होंने सरकार से सभी उम्मीदवारों के लिए समान राहत देने की मांग की।
सरकार का आश्वासन – सभी को मिलेगा मौका
संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से देख रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसा समाधान निकाला जाएगा जिससे अधिक से अधिक अभ्यर्थी आवेदन कर सकें और किसी के साथ अन्याय न हो।
राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कैबिनेट स्तर पर इस मुद्दे पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। फिलहाल राज्यभर के अभ्यर्थियों की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।







