झारखंड से दो दिन में विदा लेगा मानसून, अब दस्तक देगी ठंड
रांची: झारखंड में अब मानसून धीरे-धीरे विदाई की ओर है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने संकेत दिया है कि अगले दो से तीन दिनों में राज्य से मानसून की वापसी शुरू हो सकती है। यानी 12 से 14 अक्टूबर के बीच झारखंड में मानसून की विदाई का सिलसिला आरंभ होगा। इसके बाद राज्य में धीरे-धीरे ठंड की दस्तक होने लगेगी और मौसम शुष्क होते जाएगा।
रांची स्थित मौसम केंद्र के निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि इस दौरान राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और वज्रपात की संभावना है। विशेष रूप से गिरिडीह, रांची, खूंटी, गुमला, हजारीबाग, रामगढ़ और सिमडेगा जिलों में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की स्थिति बने रहने की संभावना है।
बिजली गिरने को लेकर अलर्ट
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। गरज के साथ बारिश के दौरान खुले में न निकलने और पेड़-पौधों या विद्युत खंभों से दूर रहने की अपील की गई है। विभाग ने बताया कि मानसून की विदाई से पहले हल्की बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं।
अक्टूबर में दोगुनी बारिश, आंकड़े चौंकाने वाले
इस साल अक्टूबर की शुरुआत से अब तक झारखंड में सामान्य से 99% अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर में अब तक राज्य में 66.1 मिमी वर्षा हुई है जबकि सामान्य औसत 33.3 मिमी होती है। यानी इस महीने में लगभग दोगुनी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
पूरे मानसून सीजन (जून से सितंबर) में राज्य में कुल 1184.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 1188.4 मिमी के बेहद करीब है। इसका सीधा मतलब है कि इस वर्ष मानसून झारखंड में सामान्य ही रहा। समय-समय पर बारिश की तीव्रता में उतार-चढ़ाव जरूर रहा, लेकिन औसत आंकड़े संतुलित रहे।
जिलावार बारिश — सिमडेगा में सबसे अधिक, देवघर-दुमका में सबसे कम
जिलावार बारिश के आंकड़ों में दिलचस्प तस्वीर उभरकर सामने आई है। सिमडेगा में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है — यहां सामान्य से 58% अधिक वर्षा हुई। दूसरी ओर, देवघर और दुमका में बारिश सबसे कम रिकॉर्ड की गई।
राजधानी रांची में पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। यह तापमान सामान्य से थोड़ा कम है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है। वहीं राज्य का सबसे अधिक तापमान पाकुड़ में 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हवाओं में घुली ठंडक, बढ़ी नमी
सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस की जा रही है और हवाओं में नमी का स्तर भी बढ़ा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे-जैसे मानसून की विदाई होगी, दिन में हल्की गर्मी बनी रहेगी लेकिन रातों में ठंडक का एहसास बढ़ेगा।
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से तापमान में गिरावट शुरू होगी और नवंबर से ठंडक और तेज हो सकती है। इससे पहले कुछ दिनों तक राज्य में शुष्क मौसम बना रहेगा।
ठंड की शुरुआती दस्तक — स्वास्थ्य पर भी असर
जैसे ही ठंड की शुरुआत होती है, सुबह और रात के समय तापमान में तेजी से गिरावट आती है। चिकित्सक सलाह देते हैं कि इस दौरान बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। हल्की ठंड में फ्लू, सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से रात में गरम कपड़े पहनने और शरीर को ठंडी हवाओं से बचाने की अपील की है।
क्यों होती है मानसून की विदाई?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जब दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाएं कमजोर होने लगती हैं और उत्तर-पश्चिम दिशा से ठंडी व शुष्क हवाएं आने लगती हैं, तब मानसून वापसी की प्रक्रिया शुरू होती है। आमतौर पर झारखंड में मानसून की विदाई अक्टूबर के मध्य में होती है। इसके बाद उत्तर भारत में ठंडक बढ़ने लगती है, जिसका असर झारखंड तक भी आता है।
किसानों पर भी पड़ेगा असर
मानसून की विदाई का सीधा प्रभाव कृषि गतिविधियों पर भी पड़ता है। फसलों की सिंचाई में बारिश की भूमिका खत्म हो जाती है और अब किसान सिंचाई के अन्य साधनों पर निर्भर हो जाएंगे। हालांकि अच्छी बारिश की वजह से धान की फसल इस साल बेहतर स्थिति में है, जिससे उपज में वृद्धि की उम्मीद की जा रही है।
इस साल झारखंड में मानसून ने अच्छा प्रदर्शन किया है। अक्टूबर में सामान्य से ज्यादा बारिश के बाद अब अगले कुछ दिनों में मानसून विदा लेने जा रहा है। इसके साथ ही झारखंड में ठंड की शुरुआती दस्तक भी महसूस की जाएगी। मौसम विभाग ने लोगों से बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। राज्य में नवंबर से सर्दी तेज़ हो सकती है। इसलिए अब लोगों को हल्के गर्म कपड़ों की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।








