रामगढ़ में निर्माणाधीन हरिओम टावर साइट पर सिक्योरिटी गार्ड ने सुपरवाइजर की कुल्हाड़ी से की हत्या, इलाके में सनसनी

Ramgarh murder case


रामगढ़ (झारखंड): रामगढ़ कॉलेज स्थित निर्माणाधीन हरिओम टावर आई भी वाई मार्केट कॉम्प्लेक्स के प्लॉट पर गुरुवार देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। सुरक्षा में तैनात एक गार्ड ने अपने ही साथी सुपरवाइजर की कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी गार्ड ने खुद पुलिस थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और मृतक के गांव में गुस्से का माहौल है।

हत्या के बाद सनसनी, आरोपी ने किया आत्मसमर्पण
जानकारी के अनुसार, हरिओम टावर एंड विनियोग प्राइवेट लिमिटेड रांची द्वारा निर्मित हो रहे इस मार्केट कॉम्प्लेक्स पर एसएआई सिक्योरिटी कंपनी की ओर से सुरक्षा कर्मी और सुपरवाइजर तैनात किए गए थे। मृतक की पहचान सुनील सिंह के रूप में हुई है, जबकि आरोपी का नाम शंकर महतो बताया गया है। आरोपी शंकर महतो ने हत्या के बाद खुद पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी और थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मामूली विवाद में भड़की हिंसा — रात में हुआ हमला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गुरुवार की दोपहर दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। मामला हाथापाई तक पहुंच गया था। बताया जा रहा है कि आरोपी शंकर महतो अपने वेतन में कटौती को लेकर सुपरवाइजर से नाराज़ था। रात में उसने गुस्से में आकर कुल्हाड़ी से सुनील सिंह पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या की यह वारदात इतनी निर्मम थी कि आसपास के मजदूरों में दहशत फैल गई। निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

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परिवार का आरोप — कंपनी प्रबंधन की लापरवाही
घटना की सूचना मिलते ही मृतक सुनील सिंह के परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। मृतक के भाई रामवृक्ष सिंह ने कहा,

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“हमारे भाई की उस दिन ड्यूटी नहीं थी, फिर भी सिक्योरिटी एजेंसी मालिक ने जबरन बुलाया। अगर उसे न बुलाया गया होता तो आज वह जिंदा होता। कंपनी और सिक्योरिटी एजेंसी दोनों ही इस हत्या के जिम्मेदार हैं।”

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गांव वालों ने साफ कहा कि जब तक कंपनी प्रबंधन मौके पर नहीं आएगा और परिवार से बात नहीं करेगा, तब तक वे पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे।

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कंपनी मालिकों के खिलाफ आक्रोश, पुलिस पर दबाव
ग्रामीणों का गुस्सा इस कदर था कि उन्होंने निर्माण कार्य रोकने की चेतावनी दे डाली। शांति हरि टॉवर एंड विनियोग प्राइवेट लिमिटेड और सिक्योरिटी एजेंसी पर कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उचित सुरक्षा व्यवस्था और विवाद सुलझाने के उपाय किए जाते, तो यह वारदात टल सकती थी।

पुलिस की जांच जारी, SDPO ने कही यह बात
घटना की जानकारी मिलने पर एसडीपीओ परमेश्वर प्रसाद खुद मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि

“प्रारंभिक जांच में मामला आपसी विवाद का लग रहा है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। सभी तथ्यों की गहराई से जांच की जा रही है।”

पुलिस ने कहा कि यदि जांच में किसी कंपनी या प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।

आरोपी का बयान — वेतन विवाद बना कारण
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी शंकर महतो ने शुरुआती पूछताछ में बताया कि उसे 9 हजार रुपये वेतन की जगह मात्र 6 हजार रुपये दिया जा रहा था। विरोध करने पर सुपरवाइजर सुनील सिंह दबाव बनाता था। इसी नाराजगी में उसने यह कदम उठा लिया।

घटना ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
यह घटना न सिर्फ इलाके में सनसनी फैलाने वाली है बल्कि निर्माण स्थलों पर तैनात सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है। मजदूरों और सुरक्षा कर्मियों के बीच बेहतर समन्वय और विवाद निवारण की स्पष्ट व्यवस्था न होने के कारण ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माण स्थल पर सीसीटीवी निगरानी और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाएं।

रामगढ़ में हरिओम टावर आई भी वाई के निर्माण स्थल पर सुपरवाइजर की हत्या की यह वारदात एक बड़ी सुरक्षा चूक को उजागर करती है। कंपनी प्रबंधन और एजेंसी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया में जुटी है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। ग्रामीणों और परिजनों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला न केवल सुरक्षा एजेंसियों बल्कि निर्माण कार्य कर रही कंपनियों की जवाबदेही तय करने में भी अहम भूमिका निभा सकता है।

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