रांची में 5 जगह रावण दहन, कहीं रिमोट से तो कहीं रॉकेट से जलेगा दशानन
मोरहाबादी, एचइसी, अरगोड़ा, मेसरा और टाटीसिलवे में तैयारियां पूरी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में इस बार दशहरा पर्व पर पांच जगहों पर रावण दहन होगा। मोरहाबादी मैदान, एचइसी धुर्वा, अरगोड़ा, मेसरा और टाटीसिलवे में दशानन के साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलेंगे। आयोजक रावण दहन को खास बनाने के लिए नए प्रयोग कर रहे हैं। कहीं रावण की आंख से चिंगारी निकलेगी, तो कहीं उसके पुतले से खून की धार बहेगी।
मोरहाबादी मैदान: रिमोट कंट्रोल से जलेगा रावण
मोरहाबादी में इस बार 70 फीट ऊंचे रावण का पुतला जलाया जाएगा। कुंभकर्ण का पुतला 65 फीट और मेघनाथ का 60 फीट का होगा। यहां खास बात यह है कि रावण दहन तीर-कमान से नहीं बल्कि रिमोट कंट्रोल से होगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्टेज पर बैठे-बैठे रिमोट का बटन दबाकर रावण दहन करेंगे। दहन से पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रम और लेजर शो होंगे। आतिशबाजी के लिए मुंबई और कोलकाता की टीम बुलाई गई है, जबकि रामलीला के लिए यूपी से विशेष दल आमंत्रित किया गया है।
एचइसी धुर्वा: इलेक्ट्रॉनिक तीर से दहन
एचइसी स्थित शालीमार बाजार धुर्वा में 55 फीट का रावण और 50 फीट ऊंचा कुंभकर्ण का पुतला दहन होगा। यहां आतिशबाजी कार्यक्रम का बड़ा आकर्षण होगा। पुतलों को इलेक्ट्रॉनिक तीर से जलाया जाएगा।
इस अवसर पर भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान के वेशभूषा में कलाकार मंच पर मौजूद रहेंगे। झारखंडी कलाकार छऊ नृत्य भी प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी करेंगे, जबकि मुख्य अतिथि शिल्पी नेहा तिर्की और दीपिका पांडे सिंह होंगी। गेस्ट ऑफ ऑनर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय होंगे।
अरगोड़ा: आंख से निकलेगी चिंगारी
अरगोड़ा में 60 फीट के रावण, 55 फीट के कुंभकर्ण और 50 फीट के मेघनाथ का पुतला दहन होगा। रावण के मुकुट को बेहद आकर्षक बनाया गया है। खास बात यह है कि दहन के समय रावण की आंख से चिंगारी निकलेगी।
यहां बंगाल के पुरुलिया से आतिशबाजी टीम बुलाई गई है। समिति अध्यक्ष पंकज साहू ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री राधा कृष्ण किशोर और केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ समेत कई अतिथि कार्यक्रम में शामिल होंगे।
मेसरा: हुजीर मैदान में 45 फीट का रावण
मेसरा के चारी हुजीर मैदान में विजयादशमी पर 45 फीट ऊंचे रावण का पुतला दहन होगा। मैदान में बड़ा मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें ओरमांझी, कांके और आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोग शामिल होंगे।
बच्चों और महिलाओं के लिए खरीदारी और झूले आदि का इंतजाम रहेगा। आयोजकों के मुताबिक, रावण दहन के साथ-साथ यह आयोजन सामाजिक मेलजोल और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का बड़ा अवसर है।
टाटीसिलवे: रॉकेट से दहन, पुतले से बहेगा खून
टाटीसिलवे में इस बार 60 फीट के रावण और 55 फीट के कुंभकर्ण का पुतला तैयार किया गया है। यहां दहन का तरीका सबसे अनोखा होगा।
अतिथि पुतले में लगे रॉकेट को प्रज्वलित करेंगे। रॉकेट लगते ही पुतला आग पकड़ लेगा और खास इफेक्ट्स के जरिए ऐसा लगेगा जैसे रावण के पुतले से खून की धार बह रही हो। आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी दर्शकों को रोमांचित करेंगे।
सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था
पांचों स्थानों पर हजारों की भीड़ जुटने की संभावना है। इसके लिए पुलिस ने सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था की है। पार्किंग स्थल और बैरिकेडिंग बनाई गई है। आयोजकों ने भी सुरक्षा मानकों का पालन करने की बात कही है।
इस बार रांची में रावण दहन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि भव्यता और तकनीक का संगम होगा। कहीं रिमोट कंट्रोल, कहीं इलेक्ट्रॉनिक तीर, कहीं रॉकेट और कहीं आंख से निकलती चिंगारी रावण दहन को खास बनाएगी। यह आयोजन न केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है बल्कि आधुनिक तकनीक और परंपरा का अनोखा मेल भी साबित होगा।








