झारखंड के मेगालीथ को मिलेगी वैश्विक पहचान, दावोस-यूके यात्रा में उठेगा संरक्षण का मुद्दा
Ranchi: झारखंड की धरती केवल खनिज और औद्योगिक संभावनाओं के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत के लिए भी वैश्विक स्तर पर पहचानी जाने लगी है। राज्य में मौजूद मेगालीथ (वृहत् पाषाण), प्राचीन गुफा-भित्ति चित्र, और जीवाश्मयुक्त वन प्रांतर अब अंतरराष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनने की दिशा में बढ़…
