सारंडा ऑपरेशन के बाद माओवादियों की प्रेस रिलीज, पुलिस ने शुरू की जांच
प्रवक्ता ‘आजाद’ का दावा — संघर्ष जारी रहेगा, पुलिस कर रही जांच
Chaibasa :सारंडा जंगल में 22 जनवरी को हुई मुठभेड़ में एक साथ 17 नक्सलियों के मारे जाने के बाद भाकपा (माओवादी) संगठन को बड़ा झटका लगा है। हालांकि, संगठन के प्रवक्ता ‘आजाद’ ने दावा किया है कि उनका संघर्ष जारी रहेगा। इस संबंध में माओवादियों की ओर से एक प्रेस रिलीज भी जारी की गई है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
माओवादी संगठन का बयान
भाकपा (माओवादी) की बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी की ओर से जारी बयान में सीआरपीएफ और सुरक्षाबलों के बड़े पैमाने पर चल रहे अभियानों का विरोध जताया गया है। बयान में मुठभेड़ में मारे गए वरिष्ठ नेताओं को श्रद्धांजलि देते हुए बाकी कैडरों के संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया गया है।
नक्सली प्रवक्ता ने दावा किया कि 20 जनवरी को सीआरपीएफ के शीर्ष अधिकारी द्वारा ‘निर्णायक प्रहार’ की घोषणा के बाद से 21 जनवरी से अभियान और तेज हो गए हैं।
हवाई हमले और दमन के आरोप
माओवादी प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि बलिबा, टिरिलपोसी, नूरदा और बाबुडेरा के आसपास हेलीकॉप्टर से हवाई कार्रवाई और अंधाधुंध गोलीबारी की गई। साथ ही यह भी कहा गया कि स्थानीय ग्रामीणों को पहले से सूचना नहीं दी गई, जिससे कई आदिवासी परिवार गांव छोड़कर जंगलों में शरण लेने को मजबूर हुए।
प्रेस बयान में सुरक्षाबलों पर जीपीएस ट्रैकर के इस्तेमाल और खाद्य सामग्री में जहर मिलाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
शीर्ष नेताओं के मारे जाने की बात स्वीकार
प्रेस रिलीज में संगठन ने अपने कई वरिष्ठ नेताओं के मारे जाने की बात स्वीकार की है। इनमें केंद्रीय कमेटी सदस्य पतिराम मांझी उर्फ अनल और ओडिशा राज्य कमेटी सदस्य लालचंद उर्फ अनमोल उर्फ सुशांत के नाम शामिल बताए गए हैं। संगठन ने इस कार्रवाई को ‘बर्बरतापूर्ण’ करार देते हुए कहा कि “शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।”
पुलिस कर रही जांच
झारखंड पुलिस मुख्यालय ने भी इस प्रेस रिलीज और कथित ऑडियो संदेश की जानकारी मिलने की पुष्टि की है। आईजी अभियान डॉ. माइकल राज ने बताया कि
“माओवादी प्रेस रिलीज और ऑडियो की जानकारी मिली है। इसकी तकनीकी जांच कराई जा रही है।”
सुरक्षा बलों का अभियान जारी
इधर सुरक्षाबलों का कहना है कि सारंडा और आसपास के इलाकों में उग्रवाद विरोधी अभियान जारी रहेगा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।








