तारिक रहमान के PM बनते ही बड़ा फैसला: स्पाइसजेट के लिए एयरस्पेस बंद
ढाका/नई दिल्ली: बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आने के बाद भारत-बांग्लादेश विमानन संबंधों पर भी असर दिखने लगा है। बीएनपी नेता तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के कुछ ही घंटों के भीतर बांग्लादेश सरकार ने भारतीय एयरलाइन SpiceJet के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उसके लिए अपने एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) के उपयोग पर रोक लगा दी है।
बकाया भुगतान बना वजह
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह निर्णय स्पाइसजेट पर कथित बकाया भुगतान के मुद्दे को लेकर लिया गया है। बांग्लादेशी एविएशन अधिकारियों का कहना है कि एयरलाइन की ओर से लंबित देनदारियों के समाधान में देरी हुई, जिसके चलते यह कड़ा कदम उठाया गया।
हालांकि, इस फैसले को राजनीतिक बदलाव के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, क्योंकि सत्ता परिवर्तन के तुरंत बाद यह कार्रवाई सामने आई है।
कौन-कौन सी उड़ानें प्रभावित?
एयरस्पेस बंद होने का सीधा असर पूर्वोत्तर भारत की उड़ानों पर पड़ा है। विशेष रूप से:
- कोलकाता से गुवाहाटी
- कोलकाता से इम्फाल
इन रूट्स की कुछ उड़ानों को या तो वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया गया या उनमें देरी दर्ज की गई। एयरलाइन सूत्रों के अनुसार, वैकल्पिक रूट अपनाने से उड़ान समय और ईंधन लागत दोनों में वृद्धि हुई है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर असर?
भारत और बांग्लादेश के बीच अब तक विमानन सहयोग मजबूत रहा है। दोनों देशों के बीच कई सीधी उड़ानें संचालित होती हैं और एयरस्पेस उपयोग समझौते द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मामला जल्द सुलझा नहीं, तो इसका प्रभाव न केवल स्पाइसजेट बल्कि अन्य भारतीय एयरलाइनों पर भी पड़ सकता है।
आगे क्या?
एविएशन सेक्टर से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दोनों देशों के नागरिक उड्डयन प्राधिकरणों के बीच बातचीत की संभावना है। स्पाइसजेट की ओर से भी बकाया भुगतान और तकनीकी मसलों पर समाधान निकालने की प्रक्रिया तेज की जा सकती है।
फिलहाल यह फैसला दक्षिण एशिया के विमानन परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला केवल वित्तीय विवाद तक सीमित रहता है या भारत-बांग्लादेश संबंधों पर व्यापक असर डालता है।








