मनरेगा कानून कमजोर करने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी, 5 जनवरी को कांग्रेस का पैदल मार्च
रामगढ़: मनरेगा बचाव कार्यक्रम के तहत रामगढ़ स्थित सर्किट हाउस में रविवार को एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान मनरेगा बचाव कार्यक्रम के प्रभारी एवं अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष शमशेर आलम, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह विधायक ममता देवी तथा अल्पसंख्यक आयोग के वारिश कुरैशी ने संयुक्त रूप से केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शमशेर आलम ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को कमजोर कर VB–ग्राम जी एक्ट लागू करना ग्रामीण गरीबों, दलितों, आदिवासियों और महिलाओं के काम के अधिकार पर सीधा हमला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा को उसकी मूल भावना के साथ वापस लागू नहीं किया गया, तो यह आंदोलन केवल राज्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशव्यापी रूप लेगा।
वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा जहां 100 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी देता था, वहीं VB–ग्राम जी एक्ट में काम को आपूर्ति-आधारित बना दिया गया है। बजट की सीमा तय कर दी गई है और फंडिंग में कटौती के कारण काम के दिन घटेंगे। इससे मजदूरी भुगतान में देरी होगी और ग्रामीण श्रमिकों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने आशंका जताई कि नए प्रावधानों के चलते कई पंचायतें योजना से बाहर हो जाएंगी और कृषि के चरम मौसम में मिलने वाला सुरक्षा कवच समाप्त हो जाएगा।

प्रेस वार्ता में यह भी आरोप लगाया गया कि नए ढांचे में ग्राम सभाओं की भूमिका कमजोर कर कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। स्थानीय जरूरतों की अनदेखी कर बड़े प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलेगा, जिससे ठेकेदारी प्रथा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल सकता है। बायोमेट्रिक बाधाओं के कारण बुजुर्ग और मेहनतकश मजदूर अपनी मजदूरी से वंचित हो सकते हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ममता देवी ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मनरेगा को कमजोर नहीं होने देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। वहीं शमशेर आलम ने बताया कि पूरे जिले में मनरेगा बचाव को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
इसी क्रम में यह घोषणा की गई कि 5 जनवरी 2026 को कांग्रेस पार्टी द्वारा बापू वाटिका, मोरहाबादी से लोक भवन तक एक विशाल पैदल मार्च आयोजित किया जाएगा। इस मार्च के माध्यम से केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया जाएगा और मनरेगा को पूरी ताकत के साथ बहाल करने की मांग उठाई जाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में केंद्र सरकार से VB–ग्राम जी एक्ट को तत्काल निरस्त करने, समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने और ग्रामीण रोजगार के कानूनी अधिकार को मजबूत करने की स्पष्ट मांग की गई। कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।








