गुमला में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: अवैध बालू भंडारण पर छापेमारी, 40 हजार घनफीट बालू जब्त
गुमला: झारखंड के गुमला जिले में अवैध खनन और बालू माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 40,000 घनफीट अवैध बालू जब्त किया है। यह कार्रवाई उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर जिला टास्कफोर्स (खनन) द्वारा की गई। यह छापेमारी गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 की सुबह लगभग 09:20 बजे घाघरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मौजा डुको में की गई, जिससे अवैध खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
औचक छापेमारी से खुला अवैध भंडारण का बड़ा खेल
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई का नेतृत्व अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) राजीव नीरज ने किया। उनके साथ अंचल अधिकारी, खान निरीक्षक, थाना प्रभारी और सशस्त्र बलों की टीम भी मौके पर मौजूद रही। औचक जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि:
- खाता संख्या-42, प्लॉट संख्या-687 में करीब 30,000 घनफीट बालू
- खाता संख्या-108, प्लॉट संख्या-691 में करीब 10,000 घनफीट बालू
अवैध रूप से भंडारित किया गया था। इन दोनों स्थानों से कुल लगभग 40,000 घनफीट बालू जब्त कर लिया गया।

कानून का उल्लंघन, राजस्व को भारी नुकसान
जिला प्रशासन के अनुसार यह अवैध भंडारण खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 और झारखंड लघु खनिज समनुदान नियमावली, 2004 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस तरह की गतिविधियों से न केवल पर्यावरण को नुकसान होता है, बल्कि सरकार को भी बड़े पैमाने पर राजस्व की हानि होती है।
अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
इस मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अज्ञात व्यक्तियों और संबंधित भूमि स्वामी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अवैध कारोबार में शामिल सभी लोगों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
लगातार जारी रहेगा अभियान
जिला प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि अवैध खनन और बालू भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर खनन टास्कफोर्स को और सक्रिय किया गया है, ताकि इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

अवैध खनन: झारखंड के लिए बड़ी चुनौती
झारखंड में अवैध खनन लंबे समय से एक बड़ी समस्या बनी हुई है। खासकर बालू, पत्थर और कोयले के अवैध उत्खनन से पर्यावरण और सरकारी राजस्व दोनों को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करती है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि अवैध कारोबार के खिलाफ सरकार अब सख्त है। गुमला में 40,000 घनफीट अवैध बालू की जब्ती यह दर्शाती है कि जिला प्रशासन अवैध खनन के खिलाफ गंभीर है और लगातार कार्रवाई कर रहा है।
अब देखना होगा कि इस अभियान से बालू माफियाओं पर कितना प्रभाव पड़ता है और क्या भविष्य में इस तरह की घटनाओं में कमी आती है।









