ईरान-इजराइल जंग का तीसरा दिन: मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, भारतीयों की सुरक्षित वापसी पर केंद्र का आश्वासन
किरेन रिजिजू बोले – विदेशों में फंसे हर भारतीय को सुरक्षित लाया जाएगा
कांगड़ा: अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों का आज तीसरा दिन है। पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। दोनों देशों की ओर से हमले जारी हैं और जवाबी कार्रवाई में ईरान ने मिडिल ईस्ट के कई हिस्सों में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है। ईरानी मिसाइलें इजराइल की ओर दागी जा रही हैं, जबकि बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब, कतर सहित सात देशों में हमलों की खबरें सामने आई हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस संघर्ष में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ मंत्री और सैन्य कमांडर मारे गए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। संघर्ष के बढ़ते दायरे ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को युद्ध की जद में ला दिया है।
खाड़ी देशों में बढ़ी अनिश्चितता
सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई खाड़ी देशों ने ईरान की कार्रवाई का जवाब देने की बात कही है। इससे क्षेत्रीय युद्ध की आशंका और गहरा गई है। इस हालात का असर वहां रह रहे लाखों प्रवासी भारतीयों पर भी पड़ रहा है। दुबई, कतर, सऊदी अरब समेत कई देशों में भारतीय नागरिक असमंजस की स्थिति में हैं।
भारत सरकार ने वहां फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। विदेश मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और भारतीय दूतावासों को अलर्ट पर रखा गया है।
किरेन रिजिजू का बयान
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू सोमवार को कांगड़ा एयरपोर्ट पहुंचे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी भारतीय नागरिक को असुविधा नहीं होने दी जाएगी। यदि किसी को समस्या आती है तो उसे सुरक्षित भारत लाने के लिए त्वरित और व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं।”
उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय मिशन मोड में काम कर रहा है। जिन देशों में भारतीय नागरिक फंसे हैं, वहां भारतीय दूतावास सक्रिय समन्वय कर रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर विशेष अभियान चलाकर उन्हें सुरक्षित निकाला जाएगा।
कूटनीतिक सक्रियता पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक सक्रियता पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। ऐसे संवेदनशील समय में त्वरित निर्णय लेकर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार हर भारतीय के साथ खड़ी है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
मिडिल ईस्ट में तेजी से बदलते हालात के बीच दुनिया की निगाहें इस संघर्ष पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह संकट किस दिशा में जाएगा, यह क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए अहम साबित होगा। फिलहाल भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर जरूरी कदम उठाने की तैयारी में है।








