अनुपूरक बजट पर विधानसभा गरमाई, जयराम महतो के सवालों पर सत्ता का जवाब
रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही गहमा-गहमी के बीच शुरू हुई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पेश किए गए ₹6,450 करोड़ के तृतीय अनुपूरक बजट पर विस्तृत वाद-विवाद हुआ, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई विधायकों ने अपनी-अपनी बात रखी।
जयराम महतो ने उठाए खर्च पर सवाल
जेएकेएम विधायक जयराम महतो ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब मूल बजट की राशि ही पूरी तरह खर्च नहीं हो पाई है, तो तीसरी बार अनुपूरक बजट लाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीण विकास विभाग की लगभग आधी राशि खर्च नहीं हो सकी है। महतो ने राज्य के कम सीडी रेसियो पर भी चिंता जताते हुए कहा कि झारखंड का सीडी रेसियो 52.19% है, जबकि राष्ट्रीय औसत करीब 80% है, जिससे राज्य की पूंजी बाहर जा रही है।
उन्होंने मंईयां सम्मान योजना की तर्ज पर विधवा और दिव्यांगजनों को भी हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की।
सत्ता पक्ष ने बताया विकास का इंजन
वहीं विधायक उदय शंकर सिंह ने अनुपूरक बजट का समर्थन करते हुए कहा कि यह केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि राज्य के विकास का इंजन है। उन्होंने कहा कि इस बजट से सड़क, पुल, पेयजल, ग्रामीण विद्युतीकरण और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही विद्यालयों और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूती मिलेगी।
बजट पर जारी रहेगा मंथन
सदन में हुई इस बहस के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखे तर्क-वितर्क देखने को मिले। आने वाले दिनों में अनुपूरक बजट पर और चर्चा होने की संभावना है, जिससे यह तय होगा कि राज्य की विकास योजनाओं को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।






