झारखंड में फर्जी आधार और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र का बड़ा खुलासा, बीडीओ ने मारा छापा
Gumla: झारखंड में फर्जी दस्तावेजों के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। गुमला जिले के सिसई प्रखंड में प्रज्ञा केंद्र की आड़ में फर्जी आधार कार्ड और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का गोरखधंधा चल रहा था। आंध्रप्रदेश समेत कई राज्यों के लोगों के लिए यहां अवैध तरीके से आधार कार्ड तैयार किए जा रहे थे।
गुप्त सूचना पर बीडीओ की छापेमारी
शनिवार को गुप्त सूचना के आधार पर सिसई के बीडीओ रमेश कुमार यादव ने बसिया रोड स्थित इंडिया सर्विस प्रज्ञा केंद्र में अचानक छापेमारी की। छापेमारी के दौरान केंद्र से दर्जनों आधार कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार आवेदन फॉर्म और कई कंप्यूटर सिस्टम बरामद किए गए।
पूछताछ के दौरान केंद्र संचालक नफीस अकबर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद बीडीओ ने सभी सिस्टम जब्त कर सिसई थाना को सौंप दिया।
आंध्रप्रदेश समेत कई राज्यों के फर्जी दस्तावेज
प्रशासन के अनुसार, जब्त किए गए अधिकांश आधार कार्ड और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र आंध्रप्रदेश और अन्य राज्यों के बताए जा रहे हैं। इससे यह आशंका गहराई है कि यह गिरोह राज्य से बाहर तक फैला हुआ है और लंबे समय से सक्रिय था।
दो से दस हजार रुपये में बनता था फर्जी आधार
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह गोरखधंधा पिछले तीन वर्षों से लगातार चल रहा था।
- आधार कार्ड सुधार के लिए ₹3,000 से ₹10,000
- जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए ₹2,000 से ₹5,000 वसूले जाते थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अधिकतर काम रात के समय किया जाता था।
बिचौलियों का सक्रिय नेटवर्क
इस अवैध धंधे में बिचौलियों की भी बड़ी भूमिका सामने आई है। ये बिचौलिये सरकारी आधार केंद्रों के आसपास घूमते रहते थे और परेशान लोगों को बसिया रोड स्थित इस प्रज्ञा केंद्र तक पहुंचाते थे। बदले में उन्हें मोटा कमीशन दिया जाता था।
प्रशासन सख्त, होगी आगे की कार्रवाई
बीडीओ रमेश कुमार यादव ने कहा कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई है। सभी दस्तावेज और सिस्टम जब्त कर लिए गए हैं। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद सिसई प्रखंड में हड़कंप मच गया है।








