झारखंड एसीबी की बड़ी कार्रवाई: शराब, वन भूमि और सेवायत भूमि घोटाले में बैंक अकाउंट–लॉकर खंगालने का आदेश
शराब घोटाला, वन भूमि और सेवायत भूमि केस में जांच तेज
Ranchi: झारखंड में सामने आए शराब घोटाला, हजारीबाग वन भूमि घोटाला और सेवायत भूमि घोटाले से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जांच का दायरा और तेज कर दिया है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की परतें खोलने के लिए अब एसीबी सीधे बैंकिंग सिस्टम तक पहुंच चुकी है। एजेंसी आरोपियों के बैंक खातों के साथ-साथ उनके लॉकर नेटवर्क की भी गहन पड़ताल कर रही है।
सभी सरकारी और निजी बैंकों को भेजा गया पत्र
एसीबी ने झारखंड में संचालित सभी सरकारी और निजी बैंकों को पत्र जारी कर यह जानकारी मांगी है कि किन-किन बैंकों में आरोपियों के खाते और लॉकर मौजूद हैं। पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि अगर आरोपियों के नाम पर कोई लॉकर पाया जाता है, तो उसे अगले आदेश तक फ्रीज कर दिया जाए।
इन आरोपियों के खातों और लॉकर की हो रही जांच
एसीबी की जांच के दायरे में जिन प्रमुख नामों को शामिल किया गया है, उनमें शामिल हैं—
- निलंबित IAS विनय चौबे
- उनकी पत्नी स्वप्ना संचिता
- नेक्सजेन कंपनी के मालिक विनय सिंह
- उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह
- विनय चौबे के साले शिपीज त्रिवेदी
- उनकी पत्नी प्रियंका त्रिवेदी
- विनय चौबे के ससुर सत्येंद्र नाथ त्रिवेदी
एसीबी इन सभी के बैंक खातों की संख्या, ट्रांजैक्शन डिटेल्स और लॉकर में रखी गई संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही है।
स्वप्ना संचिता के नाम पर SBI के दो लॉकर की पुष्टि
अब तक की जांच में यह बात सामने आ चुकी है कि स्वप्ना संचिता के नाम पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में कम से कम दो लॉकर मौजूद हैं। एसीबी को आशंका है कि इन लॉकरों में भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्तियां, दस्तावेज और कीमती सामग्री रखी गई हो सकती है।
दो दर्जन से अधिक बैंक खातों की हो रही जांच
सूत्रों के मुताबिक, एसीबी अब तक दो दर्जन से अधिक बैंक खातों की जांच कर चुकी है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि विनय चौबे ने अलग-अलग जिलों में उपायुक्त (DC) और बाद में उत्पाद विभाग के सचिव रहते हुए कितनी अवैध कमाई की और उस काली कमाई को किन-किन माध्यमों से निवेश किया गया।
काले धन के नेटवर्क की परतें खोलने की तैयारी
एसीबी को शक है कि भ्रष्टाचार से कमाए गए पैसों को अलग-अलग नामों और रिश्तेदारों के माध्यम से बैंक खातों, लॉकरों और रियल एस्टेट में लगाया गया है। इसी वजह से एजेंसी अब सिर्फ खातों तक सीमित नहीं रहकर पूरे वित्तीय नेटवर्क को ट्रेस करने में लगी है।
आगे और बड़े खुलासों की संभावना
सूत्रों का कहना है कि बैंक अकाउंट और लॉकर से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद एसीबी आने वाले दिनों में नए खुलासे, नई कुर्की और अतिरिक्त गिरफ्तारियां भी कर सकती है। जांच एजेंसी इस पूरे मामले को राज्य के अब तक के सबसे बड़े आय से अधिक संपत्ति मामलों में से एक मान रही है।








