पड़हा राजा सोमा मुंडा की गोली मारकर निर्मम हत्या, आज खूंटी बंद
आदिवासी समाज में शोक और आक्रोश
Khunti : जिले में बुधवार की शाम एक सनसनीखेज वारदात में पड़हा राजा सोमा मुंडा की अज्ञात अपराधकर्मियों ने गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। सोमा मुंडा न सिर्फ अबुआ झारखंड पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष थे, बल्कि हुटार-चलागी स्थित बिरसा उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक भी थे। इस जघन्य हत्या के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना के विरोध में आज खूंटी जिला बंद का आह्वान किया गया है।
पत्नी के सामने मारी गई गोली
घटना के संबंध में मृतक की पत्नी ने बताया कि वे अपने पति के साथ किसी कार्य से खूंटी आए थे और बुधवार शाम बाइक से अपने गांव चलागी लौट रहे थे। जैसे ही वे जमुआदाग मार्ग स्थित तालाब के पास पहुंचे, पीछे से एक बाइक पर सवार दो अपराधी आए और ओवरटेक करते हुए अचानक दो राउंड फायरिंग कर दी। एक गोली सीधे सोमा मुंडा के सीने में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर बाइक से गिर पड़े। वारदात के बाद हमलावर मंदरुटोली की ओर फरार हो गए।

अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सोमा मुंडा को इलाज के लिए केएस गंगा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के फैलते ही अस्पताल परिसर और गांव में कोहराम मच गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सोमा मुंडा की हत्या से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वे आदिवासी समाज के प्रभावशाली नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् के रूप में जाने जाते थे। उनकी मौत को आदिवासी अस्मिता पर हमला बताया जा रहा है।
आज खूंटी बंद, न्याय की मांग तेज
इस घटना के विरोध में आदिवासी समाज और विभिन्न संगठनों ने खूंटी जिला बंद का आह्वान किया है। बंद के दौरान बाजार, यातायात और शैक्षणिक संस्थानों के प्रभावित रहने की संभावना है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि दोषियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की जाए और इस हत्याकांड का खुलासा किया जाए।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संभावित अपराधियों की तलाश में छापेमारी जारी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।
सोमा मुंडा की हत्या ने एक बार फिर जिले की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और आदिवासी समाज न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आया है।








