LPG संकट पर बड़ा अपडेट: 35 दिन बुकिंग नियम की खबर गलत, सरकार ने दी सफाई
मुनादी लाइव : मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजराइल युद्ध के बीच देश में एलपीजी संकट को लेकर तरह-तरह की खबरें सामने आ रही हैं। खासतौर पर गैस सिलेंडर की बुकिंग के नियम में बदलाव को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग अवधि 25 दिन से बढ़ाकर 35 दिन कर दी है, लेकिन अब सरकार ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि एलपीजी बुकिंग नियम में किसी प्रकार का नया बदलाव नहीं किया गया है और यह पहले की तरह ही लागू है। इसका मतलब साफ है कि उपभोक्ता अब भी सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग कर सकते हैं। पहले यह अवधि 21 दिन हुआ करती थी, जिसे पहले ही बढ़ाकर 25 दिन किया जा चुका है। ऐसे में 35 दिन का नियम केवल अफवाह साबित हुआ है।
दरअसल, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर पड़ा है। ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण सख्त किए जाने के कारण तेल और गैस के टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है। बताया जा रहा है कि कई गैस टैंकर रास्ते में फंसे हुए हैं, जिससे सप्लाई चेन पर दबाव बना है और संकट की आशंका गहराने लगी है।
इस स्थिति को देखते हुए भारत सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और वैकल्पिक स्रोतों से गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है। हाल के दिनों में भारत ने विदेशों से एलपीजी की खेप मंगाकर सप्लाई को संतुलित करने का प्रयास किया है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
इसी बीच यह भी चर्चा तेज हुई कि सरकार उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को दो मुफ्त गैस सिलेंडर दे सकती है, लेकिन इस पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए इसे लेकर किसी भी तरह की पुष्टि नहीं की जा सकती।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए भी फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है और उन्हें पहले की तरह ही सुविधाएं मिलती रहेंगी। सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत में गैस सप्लाई को पूरी तरह बाधित नहीं होने दिया जाएगा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय हालात का असर कीमतों और सप्लाई पर जरूर पड़ सकता है, लेकिन सरकार स्थिति को संभालने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
कुल मिलाकर, एलपीजी संकट को लेकर फैली अफवाहों के बीच सबसे अहम बात यह है कि बुकिंग नियम में कोई बदलाव नहीं हुआ है और देश में गैस की सप्लाई को सामान्य बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।








