झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा: रांची में मणिपाल हॉस्पिटल्स ने लॉन्च किया अत्याधुनिक इमरजेंसी डिपार्टमेंट
रांची: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल्स, रांची ने अपने अत्याधुनिक और अपग्रेडेड इमरजेंसी डिपार्टमेंट (ER) का शुभारंभ किया है। यह पहल न केवल राजधानी रांची बल्कि पूरे राज्य के लिए इमरजेंसी मेडिकल केयर को एक नई मजबूती देने वाली साबित होगी।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ जैन समाज के अध्यक्ष संतोष कुमार जैन, क्रिटिकल केयर विभाग के प्रमुख डॉ. विजय मिश्रा और इमरजेंसी मेडिसिन के क्लस्टर प्रमुख डॉ. सुषांत छाबड़ा समेत कई प्रमुख चिकित्सक और गणमान्य लोग मौजूद थे।

आधुनिक तकनीक से लैस, हर सेकंड की कीमत समझने वाला सिस्टम
नए अपग्रेडेड इमरजेंसी डिपार्टमेंट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि मरीजों को तेज, सटीक और प्रोटोकॉल आधारित उपचार मिल सके। इसमें 10 समर्पित इमरजेंसी बेड्स के साथ अत्याधुनिक पेशेंट मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है, जो मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और त्वरित निर्णय लेने में मदद करता है।
सबसे खास बात यह है कि इसमें इन-बेड डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे मरीजों को जांच के लिए इधर-उधर नहीं ले जाना पड़ता। इससे न केवल समय की बचत होती है बल्कि डॉक्टरों को तुरंत इलाज शुरू करने में मदद मिलती है — जो इमरजेंसी के दौरान ‘गोल्डन ऑवर’ में बेहद अहम होता है।

24×7 विशेषज्ञ टीम और लाइफ-सेविंग ट्रेनिंग
यह इमरजेंसी डिपार्टमेंट 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा संचालित होगा। सभी डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ ACLS (Advanced Cardiac Life Support) और BLS (Basic Life Support) में प्रशिक्षित हैं। इसका मतलब है कि हार्ट अटैक, एक्सीडेंट, स्ट्रोक या किसी भी गंभीर स्थिति में मरीज को तुरंत जीवन रक्षक उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
HarGharEmergencyReady: हर घर को बनाना है तैयार
इस लॉन्च के साथ ही अस्पताल ने #HarGharEmergencyReady नामक एक सामाजिक पहल भी शुरू की है। इस अभियान का उद्देश्य रांची के लोगों को CPR और बेसिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स के प्रति जागरूक करना है। इसके तहत आम नागरिकों को यह सिखाया जाएगा कि किसी भी आपात स्थिति में शुरुआती मिनटों में क्या करना चाहिए। क्योंकि विशेषज्ञों के अनुसार, इमरजेंसी के शुरुआती ‘गोल्डन मिनट्स’ में लिया गया सही निर्णय ही जीवन बचा सकता है।

विशेषज्ञों ने क्या कहा?
इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. रोहित कुमार सेंगर ने कहा कि अस्पताल का लक्ष्य झारखंड में इमरजेंसी केयर को तेज, प्रभावी और भरोसेमंद बनाना है। उन्होंने बताया कि इस नए डिपार्टमेंट के जरिए रिस्पॉन्स टाइम को कम करने और मरीज के आते ही तुरंत इलाज शुरू करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
वहीं, क्लस्टर प्रमुख डॉ. सुषांत छाबड़ा ने कहा कि यह पहल सिर्फ अस्पताल तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को भी इमरजेंसी के लिए तैयार करने का एक व्यापक प्रयास है। उन्होंने कहा कि अगर आम नागरिकों को बेसिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स की जानकारी हो, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं।
हॉस्पिटल डायरेक्टर आबिद तौकीर ने इस लॉन्च को झारखंड के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि 10-बेड वाले इस एडवांस्ड ER के जरिए तेज रिस्पॉन्स, बेहतर मरीज प्रबंधन और समय पर क्रिटिकल ट्रीटमेंट सुनिश्चित किया जाएगा।

झारखंड में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बड़ा सहारा
झारखंड जैसे राज्य में, जहां कई बार इमरजेंसी सेवाओं की कमी महसूस की जाती रही है, ऐसे में इस तरह का अत्याधुनिक इमरजेंसी डिपार्टमेंट स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने वाला है।
यह पहल न केवल मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज उपलब्ध कराएगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में इमरजेंसी प्रिपेयर्डनेस को भी मजबूत करेगी। भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल्स का यह कदम यह साबित करता है कि झारखंड में अब स्वास्थ्य सेवाएं तेजी से आधुनिक और मरीज-केंद्रित होती जा रही हैं।
इमरजेंसी केयर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यह पहल आने वाले समय में हजारों लोगों के लिए जीवनदायी साबित हो सकती है।








