जमशेदपुर के MGM अस्पताल में सनसनी, चौथी मंजिल से कूदे मरीज की मौत
जमशेदपुर: शहर के महात्मा गांधी मेमोरियल कॉलेज अस्पताल (एमजीएम) से शुक्रवार तड़के एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। अस्पताल में भर्ती एक मरीज ने चौथी मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और इलाजरत मरीजों व उनके परिजनों के बीच दहशत फैल गई।
जानकारी के अनुसार मृतक मरीज मेडिसिन विभाग में बेड नंबर 419 पर भर्ती था और उसका इलाज चल रहा था। बताया जा रहा है कि घटना से ठीक पहले उसने अपनी मां से शौचालय जाने की बात कही और वार्ड से बाहर निकल गया। परिजन कुछ समझ पाते, उससे पहले वह अस्पताल की चौथी मंजिल पर पहुंच गया और वहां से नीचे कूद गया।
घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। जैसे ही मरीज के कूदने की खबर फैली, मौके पर हड़कंप मच गया। मरीज की मां ने चीख-पुकार मचाते हुए लोगों से मदद की गुहार लगाई। अस्पताल कर्मी तुरंत सक्रिय हुए और घायल मरीज को उठाकर इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि मरीज को करीब तीन दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उसने इतना बड़ा कदम किन परिस्थितियों में उठाया। घटना के पीछे की वजह को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं, लेकिन फिलहाल कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है।
इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और पुलिस दोनों हरकत में आ गए हैं। पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या मरीज मानसिक तनाव में था, इलाज से परेशान था या फिर इसके पीछे कोई और वजह थी। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा सकती है, ताकि मरीज की मूवमेंट और घटना से पहले की स्थिति को समझा जा सके।
एमजीएम अस्पताल जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों की निगरानी, वार्ड सुरक्षा और ऊपरी मंजिलों तक पहुंच को लेकर अब चर्चा तेज हो गई है। परिजन और स्थानीय लोग भी यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक इलाजरत मरीज इतनी आसानी से चौथी मंजिल तक कैसे पहुंच गया और उसे रोकने वाला कोई क्यों नहीं था।
फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही घटना की असली वजह सामने आ पाएगी। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में मरीजों की निगरानी और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।








