प्रोजेक्ट दीप के तहत उपायुक्त ने की विशेष बैठक, डिजिटल सशक्तिकरण की पहल
कंप्यूटर संस्थानों को मिली जिम्मेदारियाँ, छात्रों को AI-रोबोटिक्स का विशेष प्रशिक्षण मिलेगा
पाकुड़: उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रोजेक्ट दीप के अंतर्गत जिले के सभी कंप्यूटर संस्थानों के संचालकों एवं शिक्षकों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की गई।
उपायुक्त ने कहा कि –
“पाकुड़ जिले को डिजिटल और खूबसूरत बनाने की दिशा में यह परियोजना एक महत्वपूर्ण पहल है। तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना ही जिले को विकास की ओर अग्रसर करने का मुख्य साधन है।”

प्रोजेक्ट दीप : मुख्य कार्यक्रम और जिम्मेदारियाँ
बैठक में प्रोजेक्ट दीप के तहत कई अभिनव गतिविधियाँ और कार्यक्रम तय किए गए, जिनमें कंप्यूटर संस्थानों की सक्रिय भूमिका होगी। इनमें प्रमुख हैं –
- डिजिटल/भौतिक कार्ड प्रतियोगिता – प्रथम (₹5000), द्वितीय (₹3000) और तृतीय (₹2000) पुरस्कार।
- दीप प्रज्वलन कार्यक्रम – 500 दीपों का सामूहिक प्रज्वलन।
- विशेष प्रशिक्षण – जिला कारागार परिसर में 15 दिवसीय प्रशिक्षण (बिना इंटरनेट सुविधा)।
- रचनात्मक गतिविधियाँ – reels निर्माण और पाकुड़ के ऐतिहासिक स्थलों की फोटोग्राफी।
- साप्ताहिक डिजिटल पॉडकास्ट का प्रकाशन।
- त्रैमासिक सामान्य परीक्षा – सभी संस्थानों के शीर्ष 10 छात्रों के बीच प्रतियोगिता, विजेताओं को प्रमाणपत्र और पुरस्कार।
- शैक्षिक सहयोग – प्रत्येक संस्थान 5 जरूरतमंद छात्रों को गोद लेगा।
- तिथि भोज कार्यक्रम – जन्मदिन पर विद्यालय, वृद्धाश्रम या अनाथालय में केक काटकर मनाना।
- रक्तदान (अनिवार्य) – हर संस्थान को हर माह 24 तारीख को कम से कम 5 यूनिट रक्तदान करना होगा।
- सामाजिक दायित्व (अनिवार्य) – प्रत्येक संस्थान 2 टी.बी. रोगियों को गोद लेगा।

सर्वश्रेष्ठ छात्र चयन और विशेष प्रशिक्षण
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के सभी शैक्षणिक और प्रशिक्षण संस्थान अपने-अपने 10 सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षित छात्रों के नाम जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएँ।
इन छात्रों को जिला स्तर पर AI और रोबोटिक्स विषय पर विशेष प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और हैंडहोल्डिंग दी जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य है कि जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थी भविष्य की तकनीकों में दक्ष होकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पाकुड़ का नाम रोशन करें।
उपायुक्त की अपील
बैठक के अंत में उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी संस्थानों से अपील की कि वे निर्धारित कार्यों को समय पर पूरा करें और जिले के डिजिटल परिवर्तन में सक्रिय सहयोग दें।
उन्होंने कहा –
“सामूहिक प्रयासों से ही पाकुड़ जिला डिजिटल सशक्तिकरण और आधुनिक विकास का आदर्श उदाहरण बन सकता है।”







