पेट्रोल-डीजल कीमतों को लेकर बड़ा अपडेट: आम जनता को राहत, सिर्फ प्रीमियम फ्यूल महंगा
नई दिल्ली: पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों को लेकर देशभर में चल रही अटकलों के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। मंत्रालय ने साफ कहा है कि रेगुलर पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है। सरकार के मुताबिक, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है।
क्या बदला और क्या नहीं?
हाल ही में सामने आए 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के फैसले को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह बढ़ोतरी केवल प्रीमियम पेट्रोल वेरिएंट पर लागू होती है। इनमें शामिल हैं:
- XP95
- Power95
- Speed
ये सभी हाई-ऑक्टेन और हाई-परफॉर्मेंस फ्यूल हैं, जिन्हें आमतौर पर विशेष वाहनों के लिए उपयोग किया जाता है।
आम जनता पर असर क्यों नहीं?
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इन प्रीमियम फ्यूल्स की कुल बिक्री में हिस्सेदारी केवल 2% से 5% के बीच है। इसका मतलब यह है कि:
- देश के अधिकांश वाहन चालक रेगुलर पेट्रोल और डीज़ल का ही उपयोग करते हैं
- इसलिए आम जनता पर इस बढ़ोतरी का सीधा असर नहीं पड़ेगा
वैश्विक कीमतों में भारी उछाल
मंत्रालय ने बताया कि पिछले एक महीने में वैश्विक पेट्रोलियम कीमतों में 100% तक की बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद भारत सरकार ने आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए रेगुलर पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों को स्थिर रखा है।
तेल कंपनियों को हो रहा भारी नुकसान
सरकारी तेल विपणन कंपनियों (PSU OMCs) को इस फैसले के कारण भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। 01 अप्रैल 2026 तक:
- पेट्रोल पर करीब ₹24.40 प्रति लीटर का नुकसान
- डीज़ल पर करीब ₹104.99 प्रति लीटर का नुकसान
यह स्थिति “अंडर-रिकवरी” कहलाती है, जब कंपनियों को बाजार कीमत से कम दर पर उत्पाद बेचना पड़ता है।
सरकार की रणनीति क्या है?
मंत्रालय ने इस फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस प्रतिबद्धता से जोड़ा है, जिसमें उन्होंने भारतीय नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों के असर से बचाने की बात कही थी। सरकार का उद्देश्य है:
- आम लोगों पर महंगाई का बोझ कम रखना
- वैश्विक अस्थिरता के बावजूद घरेलू बाजार को स्थिर बनाए रखना
- प्रीमियम फ्यूल की कीमतें क्यों बदलती रहती हैं?
प्रीमियम पेट्रोल वेरिएंट्स की कीमतों में हर दो हफ्ते में बदलाव किया जाता है। - इनकी कीमतें बाजार के ट्रेंड और अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों के अनुसार तय होती हैं।
- चूंकि ये उत्पाद वैकल्पिक (optional) हैं, इसलिए उपभोक्ता अपनी जरूरत और क्षमता के अनुसार इन्हें खरीदते हैं।
अन्य देशों की तुलना में भारत की स्थिति
मंत्रालय के अनुसार, जहां भारत में आम पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें स्थिर रखी गई हैं, वहीं दुनिया के कई देशों में इनकी कीमतों में 30% से 50% तक की बढ़ोतरी देखी गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि भारत सरकार वैश्विक संकट के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश कर रही है। पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों को लेकर फैली भ्रम की स्थिति को सरकार ने स्पष्ट करते हुए यह साफ कर दिया है कि आम उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत जारी रहेगी।
हालांकि, वैश्विक बाजार में बढ़ती कीमतों के बीच यह स्थिति कब तक बनी रहती है, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।








