झारखंड में बॉडीगार्ड्स की समीक्षा शुरू, 24 घंटे में मांगी गई पूरी रिपोर्ट

Bodyguard Review

पुलिस मुख्यालय का सख्त निर्देश, VIP से आम लोगों तक सुरक्षा व्यवस्था की होगी जांच

रांची: झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को पत्र जारी कर बॉडीगार्ड्स से जुड़ी विस्तृत जानकारी 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

यह कदम राज्य में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

24 घंटे में देनी होगी पूरी सूची
पुलिस मुख्यालय ने जिलों से यह जानकारी मांगी है कि राज्य में विशिष्ट (VIP), अति विशिष्ट (VVIP) और अन्य व्यक्तियों को कितने बॉडीगार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही यह भी बताना होगा:

  • कुल कितने अंगरक्षक तैनात हैं
  • उनकी तैनाती कब से है
  • उनके पास कौन-कौन से हथियार हैं
  • बॉडीगार्ड उपलब्ध कराने की अनुशंसा किसके द्वारा की गई थी

सभी जिलों को नाम सहित पूरी सूची तैयार कर 24 घंटे के भीतर पुलिस मुख्यालय रांची को भेजनी होगी।

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किन-किन बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार रिपोर्ट में निम्नलिखित जानकारियां शामिल करनी होंगी:

  • व्यक्ति विशेष को दिए गए बॉडीगार्ड्स की संख्या
  • संबंधित व्यक्तियों के नाम और सुरक्षा श्रेणी
  • बॉडीगार्ड की तैनाती की तिथि
  • उन्हें दिए गए हथियारों का विवरण
  • बॉडीगार्ड की अनुशंसा करने वाले अधिकारी या संस्था की जानकारी
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यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए की जा रही है।

क्यों हो रही है समीक्षा?
सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में बॉडीगार्ड्स को लेकर कई तरह के विवाद सामने आए हैं। इसके अलावा कुछ मामलों में सुरक्षा ऑडिट की जरूरत भी महसूस की गई है। ऐसे में पुलिस मुख्यालय यह सुनिश्चित करना चाहता है कि:

  • सुरक्षा जरूरत के अनुसार दी जा रही है या नहीं
  • कहीं अनावश्यक रूप से बॉडीगार्ड तैनात तो नहीं हैं
  • वास्तविक जरूरतमंद लोगों को पर्याप्त सुरक्षा मिल रही है या नहीं

आगे क्या हो सकता है?
माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मुख्यालय बड़े फैसले ले सकता है। कुछ लोगों की सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है,वहीं जिन मामलों में जरूरत नहीं होगी, वहां बॉडीगार्ड हटाए भी जा सकते हैं

इस पूरे कदम को झारखंड में सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और संतुलित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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