Ranchi News : ‘माइनिंग से माइंड’ की ओर झारखंड! हेमंत सोरेन ने उच्च शिक्षा के लिए लिए कई बड़े फैसले
रांची: झारखंड में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कई बड़े फैसले लिए। बैठक में राज्य की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि झारखंड को “माइनिंग से माइंड” की ओर ले जाने में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रगति और चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। इस दौरान उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सभी विश्वविद्यालयों में PPP मोड पर बनेंगे CBT सेंटर
बैठक में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में पीपीपी (PPP) मोड पर कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) सेंटर स्थापित करने पर सैद्धांतिक सहमति दी गई। इससे झारखंड में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन को नई गति मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों को दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का मिलेगा ज्यादा लाभ
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (GSCC) योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक 2,888 विद्यार्थियों को योजना के तहत स्वीकृति मिली है, जबकि 243 छात्र-छात्राओं को विभिन्न बैंकों के माध्यम से करीब 64 करोड़ रुपये का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इन ऋणों की गारंटी दे रही है, इसलिए किसी भी योग्य छात्र को आर्थिक अभाव के कारण उच्च शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कल्याण विभाग और सिविल एविएशन विभाग के साथ समन्वय कर दुमका फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के छात्रों को भी योजना से जोड़ने का निर्देश दिया।
15 दिनों में विश्वविद्यालय सेवा आयोग और कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी सक्रिय करने का निर्देश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को अगले 15 दिनों के भीतर झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को पूरी तरह कार्यरत करने का निर्देश दिया। साथ ही उच्च शिक्षा और रोजगारपरक कोचिंग संस्थानों की निगरानी के लिए कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को भी 15 दिनों में सक्रिय करने को कहा। उन्होंने वर्ष 2026-27 से विश्वविद्यालयों में लाइव ऑनलाइन क्लास शुरू करने की भी योजना तैयार करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय और बीबीएमकेयू धनबाद से की जाएगी।
BIT सिंदरी बनेगी यूनिटरी यूनिवर्सिटी
बैठक का सबसे बड़ा फैसला बीआईटी सिंदरी को यूनिटरी यूनिवर्सिटी (Unitary University) के रूप में विकसित करने को लेकर रहा। मुख्यमंत्री ने इसके लिए आवश्यक विधेयक तैयार करने और संस्थान का डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि BIT सिंदरी को राष्ट्रीय स्तर के तकनीकी संस्थानों की तर्ज पर विकसित किया जाए ताकि यहां गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध हो सके।
तकनीकी शिक्षा क्लस्टर और नए कोर्स पर जोर
मुख्यमंत्री ने राज्य के पलामू, गिरिडीह, रामगढ़, गुमला, रांची, जमशेदपुर, बोकारो, गोड्डा और साहिबगंज सहित नौ जिलों में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर विकसित करने की योजना पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे रोजगारपरक कोर्स शुरू करने पर बल दिया।
JUPMI अब उच्च शिक्षा विभाग के अधीन
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि झारखंड अर्बन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (JUPMI) को अब उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन संचालित किया जाएगा। यहां बैचलर ऑफ प्लानिंग, मास्टर ऑफ प्लानिंग और एमबीए इन इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट जैसे नए कोर्स शुरू किए जाएंगे।
रोबोटिक्स और AI पर विशेष फोकस
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य में पहली बार झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य की शिक्षा तकनीक आधारित होनी चाहिए।
छात्रवृत्ति योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा विदेश छात्रवृत्ति योजना, मानकी मुंडा छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना, सीएम फेलोशिप, राष्ट्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण योजना, ग्रांट फॉर रिसर्च प्रोजेक्ट समेत कई योजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इन योजनाओं का लाभ समय पर पात्र छात्रों तक पहुंचे। उन्होंने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को भरने, छात्रावासों की स्थिति सुधारने और वैकल्पिक वित्तीय स्रोतों की पहचान कर उच्च शिक्षा में निवेश बढ़ाने की कार्ययोजना भी तीन महीने के भीतर तैयार करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड का भविष्य केवल खनिज संपदा पर नहीं, बल्कि शिक्षित और कुशल युवाओं पर निर्भर करेगा। इसलिए राज्य की उच्च एवं तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक स्तर के अनुरूप विकसित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।






